बाढड़ा। पंचकूला-चंडीगढ सीमा पर धरना दे रहे सरपंचों पर सरकार की ओर से की गई कार्रवाई के विरोध में सरपंच एसोसिएशन और जनसंगठनों ने रविवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्य क्रांतिकारी चौक पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका गया। प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी सीएम, पंचायत मंत्री व बाढड़ा विधायक के खिलाफ नारेबाजी भी की।
सरपंच एसोसिएशन प्रदेश कोर कमेटी उपाध्यक्ष व खंड प्रधान सूबेदार रामचंद्र उमरवास ने कहा कि पंच-सरपंच विकास योजनाओं में ई टेंडरिंग योजना को वापस लेने की मांग को लेकर पंचकूला-चंडीगढ सीमा पर शांतिप्रिय ढंग से धरना दे रहे थे लेकिन सरकार ने मनमानी करते हुए निहत्थे पंचायत प्रतिनिधियों का उत्पीड़न करते हुए उनको जबरदस्त उठाकर जेल भेजने का ओछा कार्य किया है।
विजय पंचगावां ने कहा कि गठबंधन सरकार लोकतंत्र के खिलाफ पूंजीपति नीति लागू कर रही है। आज चुने हुए पंचायत प्रतिनिधियों को तो प्रदर्शन तक नहीं करने दिया जा रहा। सरकार की इन नीतियों के विरोध में आज समस्त देश में भाजपा सरकार की एकतरफा कार्रवाई के प्रति गहरा रोष बना हुआ है। इसके बाद उग्र पंच सरपंचों ने कस्बे में रोष मार्च निकालकर मुख्य क्रांतिकारी चौक पर सीएम मनोहर लाल का पुतला जलाया। रोष प्रदर्शन में सरपंच कृष्ण सोनी, भाकियू महासचिव महेंद्र जेवली, सरपंच सोमेश, रमेश कमांडो, ज्ञानवीर, कर्मबीर, आनंद डांडमा, अशोक मांढ़ी, सुनील, रामअवतार, राजेश कुमार, जितेंद्र डांडमा, बिजेंद्र निमड़, आनंद वालिया आदि मौजूद रहे।