स्काड्रन लीडर श्रवंता अपने परिजनों के साथ। संवाद
चरखी दादरी। घर पर रहूंगी तो केवल एक बेटे की रक्षा होगी, लेकिन, सेना में एक मां और करोड़ों बेटों की सेवा करने का मौका मिलेगा। यह मेरे लिए सबसे बड़े गर्व की बात है। ये बातें गांव मिसरी निवासी वायुसेना में तैनात स्क्वॉड्रन लीडर श्रवंता ने परिजनों से बातचीत करते हुए कहीं। उनके परिजनों ने संवाददाता के साथ बातचीत के अंश साझा किए।
मिसरी निवासी श्रवंता ने स्नातकोत्तर तक शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद वर्ष 2016 में उनका चयन वायुसेना में बतौर फ्लाइट लेफ्टिनेंट हुआ। इसके बाद उन्होंने अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाई और देश की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहीं। अब दो साल पहले ही उनकी शादी की गई। फिलहाल, उनकी तैनाती अंबाला में है। शादी के कुछ दिन बाद ही उनकी मेहनत के अनुसार उनका प्रमोशन हो गया। एफएल से एसएल यानी स्क्वॉड्रन लीडर बन गईं।
उनको एक नौ माह का बेटा है। ड्यूटी के साथ ही श्रवंता बेटे का भी ख्याल रख रही हैं। बेटे की देख-रेख के लिए उन्होंने आया रखी हुई है। वहीं, उनके पति निजी सेक्टर में नौकरी करते हैं।
हाल ही में श्रवंता ने बेटे के साथ समय बिताने के लिए अवकाश लिया था, लेकिन, पाक-भारत की युद्ध स्थिति के चलते उनका अवकाश रद्द हो गया। वीरवार को उन्हें अपनी ड्यूटी पर लौटना पड़ा। जाने से पहले श्रवंता ने अपने परिजनों को समझाया कि घर से ज्यादा देश को उनकी इस समय जरूरत है। संवाद