अब प्रत्येक खेल नर्सरी को एक लाख का बजट खेल का सामान खरीदने के लिए मिलेगा। जिलेे में अगस्त में 16 खेल नर्सरियां शुरू हो चुकी हैं, जबकि सरकार की ओर से 23 खेल नर्सरियों की अप्रूवल है। प्रत्येक खेल नर्सरी में 25 खिलाड़ी हैं। वहीं नए कोच की तैतानी के लिए खेल विभाग के निदेशालय को पत्र लिखा गया है। यह पत्र आचार संहिता लागू होने से पहले भेजा गया था। लेकिन आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले सात में से एक कोच की भी तैनाती नहीं हो पाई थी।
जिले मेें कुश्ती, कबड्डी, वॉलीबाल, एथलीट, फुुटबाल, हॉकी, कराटे व बैडमिंटन सहित विभिन्न खेेलों में खिलाड़ी अपना करियर बनाने के लिए प्रतिदिन अभ्यास करते हैं। बहुत से खिलाड़ी तो अपने स्तर पर खेल अभ्यास कर रहे हैं, उन्हें सरकार की ओर से सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। जिले के बौंदकलां ब्लॉक क्षेत्र के खिलाड़ियों में हॉकी खेल ज्यादा पसंद किया जाता है। गांव भागवी, ढाणी फौगाट, पैतावास कलां, चरखी, डोहकी व नीमली आदि कई गांवों में खिलाड़ी फुटबाल को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसी प्रकार आदमपुर डाढ़ी, झोझूकलां क्षेत्र में कबड्डी व कुश्ती जैसे खेलों के ज्यादा संख्या में खिलाड़ी हैं। मंदोला, मंदोली, दाढ़ी बाना, मकड़ाना, मकड़ानी व आदमपुर में वॉलीबाल खेल में खिलाड़ियों की ज्यादा रुचि है। आदमपुर क्षेत्र से दो खिलाड़ी भारतीय कबड्डी टीम का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। गांव मकड़ाना से अर्जुन अवॉर्डी संजय भारतीय वॉलीबाल टीम में खेल चुके हैं। उनके क्षेत्र में ही खेल नर्सरियां खोल रखी हैं, ताकि बेहतर परिणाम सामने आए। इससे खिलाड़ियों के समय की भी बचत होगी और उन्हें आने-जाने में भी किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। खिलाड़ी प्रतिदिन नियमित रूप से अभ्यास कर सकेंगे। खिलाड़ियों के गेम के अनुरूप यह खेल नर्सरियां खोली गई हैं। इस बार इन नर्सरियों में सभी प्रकार की खेल सुविधाएं भी उपलब्ध करवाए जाने की प्लानिंग है। कुश्ती नर्सरियों में जिम व मैट की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएंगी।
23 में 16 खेल नर्सरी हुईं शुरू
जिले में 23 खेल नर्सरियों की मंजूरी है, लेकिन 16 खेल नर्सरियां ही शुरू हो पाई हैं। क्वालीफाइड कोच न मिलने की वजह से 16 खेल नर्सरियां ही शुरू हो सकी हैं। कोच के लिए एनआईएस की डिग्री होना जरूरी है या वह सीनियर स्तर का नेशनल खिलाड़ी रहा हो। अब खेल विभाग ने रिमाइंडर पत्र खेल विभाग के निदेशक को भेजा है, ताकि कोच की तैनाती हो सके।
इन खेलों के अभ्यास की नर्सरियां में सुविधा
खेल विभाग ने अब गत एक अगस्त से शर्तें पूरी करने वाली खेल नर्सरियों को शुरू कर दिया है। इन नर्सरियों में कुश्ती, एथलीट, खो-खो, हॉकी, बॉक्सिंग, वॉलीबाल, कबड्डी, हैंडबॉल और वुशू खेल शुरू कर दिए गए हैं। इन खेलों के कोच उपलब्ध हो गए हैं। कोच उपलब्ध न होने की वजह से जिले में सात खेल नर्सरियां शुरू नहीं हो सकीं। जिन खेलों के कोच उपलब्ध हुए वहां खेल नर्सरियां शुरू करवा दी गई हैं।
जिला खेल अधिकारी राजेंद्र सिंह ने कहा कि प्रत्येक खेल नर्सरी को अब एक लाख का बजट सामान खरीदने के लिए मिलेगा। नई सरकार का गठन होने के बाद यह बजट राशि दी जानी है। इससे नर्सरी में जरूरत के अनुसार सामान खरीदा जा सकेगा।