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खेल दिवस विशेष : उपेक्षा की धूल में फीकी पड़ी पदकों की चमक, 73 की उम्र में रामकिशन ने जीते 280 पदक, सरकार से मदद की दरकार

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रामकिशन शर्मा। 
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बाढड़ा। वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय धावक रामकिशन शर्मा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से वृद्ध खिलाड़ियों को सरकारी सहायता प्रदान करने के लिए नियमों में बदलाव की मांग उठाई है। गांव भांडवा निवासी धावक का कहना है कि उन्होंने पिछले 20 वर्षों में 280 पदक जीते हैं, जिनमें 6 अंतरराष्ट्रीय गोल्ड, 154 राष्ट्रीय गोल्ड, और 27 सिल्वर मेडल शामिल हैं, लेकिन आज तक उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिली है।
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73 वर्षीय धावक रामनिवास दौड़, बाधा दौड़, रिले, लंबी कूद और शॉटपुट जैसी प्रतियोगिताओं में सक्रिय हैं। अपने निजी खर्चे पर ही विभिन्न खेलों में भाग लेते हैं। उन्होंने अपना व्यवसाय छोड़कर पूरा जीवन खेल को समर्पित किया है और अब चाहते हैं कि सरकार उन्हें उचित सम्मान और सहायता दे। इस बीच, सांसद कार्तिकेय शर्मा ने उन्हें राष्ट्रपति पदक के लिए सिफारिश करने का निर्णय लिया है और प्रदेश सरकार से वरिष्ठ खिलाड़ियों को सम्मान देने की अपील की है।
युवा नशे से दूर रहकर खेलों में आगे बढ़ें
रामकिशन शर्मा ने कहा कि उनकी तमन्ना है कि राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति से उन्हें सम्मानित किया जाए, ताकि वे प्रोत्साहित होकर आगे भी देश के लिए पदक जीत सकें। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह देते हुए बताया कि वे लंबे समय से नशा मुक्ति अभियान से भी जुड़े हैं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जितनी मेहनत उन्होंने की, उतना सम्मान नहीं मिला। सरकार से उन्होंने सम्मान और सहयोग की गुहार लगाई है।
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