वार्ड-11 में कैंप में मौजूद हरियाणा राज्य बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग की टीम। स्रोत: जनसंपर्क
चरखी दादरी। हरियाणा राज्य बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. मांगेराम और मीना कुमारी ने वीरवार को शहर के वार्ड-11 स्थित सामुदायिक केंद्र में जागरूकता शिविर आयोजित किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नशा और बाल भिक्षावृत्ति के उन्मूलन में सहयोग करने का संकल्प दिलाया।
डॉ. मांगेराम ने कहा कि बाल भिक्षावृत्ति और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कबीर बस्ती में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान बच्चों और महिलाओं से इस दिशा में जागरूक रहने और सहयोग करने की अपील की।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी नीलकमल ने बताया कि स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के आसपास तंबाकू व नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए। यदि कोई ऐसा करता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बाल कल्याण समिति की सदस्य सुमन जांगड़ा और नारायण दत्त शर्मा ने बाल भिक्षावृत्ति को समाज के लिए कलंक बताते हुए इसके उन्मूलन हेतु ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थाओं और समाज को मिलकर इस समस्या को जड़ से समाप्त करना होगा। इस अवसर पर प्रोटेक्शन ऑफिसर अर्चना, उषा सोनी माैजूद रहे।