खेल विभाग से भले ही जिले में 33 खेल नर्सरियां खोलने की मंजूरी मिल चुकी हो, लेकिन अभी भी 17 नर्सरियां शुरू नहीं हो पा रही हैं। खेल विभाग क्वालीफाइड एनआईएस कोच न मिलने की वजह से 33 में से 16 खेल नर्सरियां ही शुरू कर पाया है। फिलहाल विभाग को एनआईएस एवं पात्र कोच मिलने का इंतजार है। इसके बाद ही आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ये 17 नर्सरियां शुरू न होने से करीब साढ़े 350 खिलाड़ी इनकी सुविधाओं से वंचित रह जाएंगे। एक नर्सरी में 20 से 25 खिलाड़ियों का चयन किया जाना है।
जिले मेें कुश्ती, कबड्डी, वॉलीबाल, एथलीट, फुुटबाल, हॉकी, कराटे व बैडमिंटन सहित विभिन्न खेेलों में खिलाड़ी अपना करियर बनाने के लिए प्रतिदिन अभ्यास करते हैं। बहुत से खिलाड़ी तो अपने ही स्तर पर खेलों का अभ्यास कर रहे हैं, उन्हें सरकार की ओर से सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। जिले के बौंदकलां ब्लॉक क्षेत्र के खिलाड़ियों में हॉकी खेल का क्रेज है। गांव भागवी, ढाणी फौगाट, पैतावास कलां, चरखी, डोहकी व नीमली आदि कई गांवों में खिलाड़ी फुटबाल गेम को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसी प्रकार आदमपुर डाढ़ी, झोझू कलां क्षेत्र में कबड्ड़ी व कुश्ती खेलों के ज्यादा संख्या में खिलाड़ी हैं। मंदोला, मंदोली, दाढ़ी बाना, मकड़ाना, मकड़ानी व आदमपुर में वॉलीबाल खेल में खिलाड़ियों की ज्यादा रुचि है। आदमपुर क्षेत्र से दो खिलाड़ी भारतीय कबड्डी टीम का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। गांव मकड़ाना से अर्जुन अवार्डी संजय भारतीय वॉलीबाल टीम में खेल चुके हैं। अब खेल विभाग ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए उनके एरिया में ही खेल नर्सरियां खोली हैं, ताकि बेहतर परिणाम सामने आए। इससे खिलाड़ियों के समय की भी बचत होगी और उन्हें आने-जाने में भी किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। खिलाड़ी प्रतिदिन नियमित रूप से अभ्यास कर सकेंगे। खिलाड़ियों के गेम के अनुरूप यह खेल नर्सरियां खोली गई हैं। इस बार इन नर्सरियों में सभी प्रकार की खेल सुविधाएं भी उपलब्ध करवाए जाने की प्लानिंग है। कुश्ती नर्सरियों में जिम व मैट की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएंगी।
पात्र एवं डिग्री धारक कोच नहीं मिले
जिले में 33 खेल नर्सरियों की मंजूरी तो मिल गई, लेकिन अब इनमें से 16 खेल नर्सरियां ही शुरू हो पाई हैं। क्वालीफाइड कोच न मिलने की वजह से 16 खेल नर्सरियां ही शुरू हो सकी हैं। शेष 17 खेल नर्सरियों के लिए कोच उपलब्ध नहीं होने की वजह से यह शुरू नहीं हो सकी। कोच के लिए एनआईएस की डिग्री होना जरूरी है या वह सीनियर स्तर का नेशनल खिलाड़ी रहा हो।
इन खेलों की नर्सरियां र्हुईं शुरू
खेल विभाग ने अब गत एक अगस्त से शर्तें पूरी करने वाली खेल नर्सरियों को शुरू कर दिया है। इन नर्सरियों में कुश्ती, एथलीट, खो-खो, हॉकी, बॉक्सिंग, वॉलीबाल, कबड्डी, हैंडबॉल और वुशु खेल शुरू कर दिए गए हैं। इन खेलों के कोच उपलब्ध हैं। एनआईएस कोच को 25 हजार रुपये पारिश्रमिक दिए जाने का प्रावधान है।
जिला खेेल अधिकारी राजेंद्र सिंह ने कहा कि कोच उपलब्ध न होने की वजह से सभी खेल नर्सरियां शुरू नहीं हो सकीं। जिन खेलों के कोच उपलब्ध हुए वहां खेल नर्सरियां शुरू करवा दी गई हैं। इन नर्सरियों में खिलाड़ियों को सभी खेल सुविधाएं मिलेंगी।