संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले में अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट की तैनाती हुए दो माह से अधिक समय बीत चुके हैं। बावजूद इसके अल्ट्रासाउंड सुविधा बहाल नहीं हुई है। फिलहाल, मशीन की कमी खल रही है। स्वास्थ्य विभाग जिला प्रशासन के सहयोग से मशीन खरीद का प्रयास कर रहा है। जिला प्रशासन को अब अल्ट्रासाउंड सेवा जल्द से जल्द बहाल करवानी चाहिए, ताकि, मरीजों को राहत मिल सके।
बता दें कि दादरी सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा करीब सवा सात साल से बंद पड़ी है। इससे मरीजों का मर्ज बढ़ रहा है। विशेषज्ञ की तो तैनाती हो चुकी है, लेकिन, उनकी सेवा मरीजों को उपलब्ध करवाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग के पास अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है।
चुनाव से पहले जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को नई मशीन खरीद के लिए बजट दिया था, लेकिन, वह कम पड़ गया। अब दोबारा से जिला स्वास्थ्य विभाग जिला प्रशासन से मशीन खरीद के लिए पूरा बजट मुहैया करवाने की मांग कर रहा है।
जिला बनने के बाद बंद हुई अल्ट्रासाउंड सेवा: इस मामले का एक रोचक पहलू यह है कि दादरी जब उपमंडल था उस समय सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड होते थे। जिले का दर्जा मिलने के कुछ दिन बाद ही यहां अल्ट्रासाउंड सेवा बंद हो गई। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई, लेकिन, बात नहीं बनी। पिछले करीब सवा पांच साल से यह सेवा स्थायी तौर पर बंद है।
हर माह 2000 से अधिक मरीजों को होगा फायदा : सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा बहाल होने पर जिले के मरीजों को बढ़ी राहत मिलेगी। प्रतिदिन सिविल अस्पताल में 100 से अधिक अल्ट्रासाउंड होने की उम्मीद है। इस लिहाज से एक माह में अगर 20 कार्यदिवस मानें तो करीब दो हजार मरीजों को लाभ मिलेगा। उन्हें निजी केंद्रों पर जाकर जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी।
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