चरखी दादरी। फर्जी मुठभेड़ और दस लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप की लिखित शिकायत मिलने पर एसपी नितिका गहलोत ने कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने स्पेशल स्टाफ प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह और एएसआई मनजीत को निलंबित कर उनकी विभागीय जांच शुरू कर दी है। एसपी ने फर्जी मुठभेड़ और रिश्वत मामले की जांच डीएसपी सुभाष चंद्र को सौंपी है। दूसरी ओर शिकायतकर्ता पक्ष ने लघु सचिवालय में मंगलवार से धरना शुरू कर दिया है।
बौंदकलां थाने में पिछले वर्ष नवंबर में एफआईआर नंबर 209 दर्ज हुई थी। इस मामले में आरोपी पक्ष के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। परिजनों ने एसपी नितिका से मुलाकात कर इस एफआईआर को पुलिस की ज्यादती बताया था।
परिजनों का आरोप था कि साक्षी-मोहित फायरिंग मामले के तीनों आरोपियों को उन्होंने दिन में पुलिस टीम को सौंप दिया था जबकि पुलिस ने मुठभेड़ के बाद एक आरोपी सोनू की गिरफ्तारी दिखाई और उसके पैर में भी जान-बूझकर गोली मारी। आरोपी सोनू और कुलदीप के परिजनों का आरोप था कि उत्पीड़न न करने और अन्य परिजनों को गिरफ्तार न करने का वादा कर निरीक्षक बलवान सिंह और एएसआई मनजीत ने उनसे 10 लाख रुपये ऐंठ लिए।
साक्षी-मोहित पर फायरिंग के आरोपी साक्षी के पिता कुलदीप, सोनू और परमजीत उर्फ तोता के परिजनों ने लिखित शिकायत एसपी को दी थी। एसपी ने कड़ी कार्रवाई की। उन्होंने पुलिस से जुड़े दोनों आरोपियों को निलंबित कर उनकी विभागीय जांच का आदेश दिया। इस शिकायत की जांच की जिम्मेदारी डीएसपी सुभाष चंद्र को सौंपी गई है। उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी है।
- शिकायतकर्ता पक्ष बोला : दिन-रात जारी रखेंगे बेमियादी धरना
शिकायतकर्ता पक्ष ने मंगलवार से लघु सचिवालय के ठीक सामने बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि फर्जी मुठभेड़ और रिश्वत का मामला उठाने के बाद पुलिस ने परिजनों को परेशान किया है। इस रवैये और कार्रवाई के लिए उन्होंने धरना शुरू किया गया है। धरना दिन-रात जारी रहेगा।
- पुलिस का तर्क : जांच शुरू, बयान दर्ज करने के लिए बुलाना प्रक्रिया का हिस्सा
डीएसपी सुभाष चंद्र ने पुलिस पर लगे परेशान करने के आरोप को नकारा है। उनका कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। इसके तहत संबंधित बयान दर्ज करने के लिए संबंधित पक्ष को बुलाना जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। सारे तथ्य जानने जरूरी हैं और इसलिए मामले से जुड़े हर एक व्यक्ति से पूछताछ की जा सकती है। शिकायतकर्ता पक्ष को जांच में सहयोग करना चाहिए।
एसपी नितिका गहलोत ने मामले की जांच मुझे सौंपी है। इस मामले में संज्ञान लेकर निरीक्षक बलवान सिंह और एएसआई मनजीत को सस्पेंड किया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। सुभाष चंद्र, डीएसपी, चरखी दादरी।