चरखी दादरी। जिले के अंदर पिछले एक सप्ताह में 110 एमएम बारिश हुई है और इसके साथ ही मानसून सीजन में हुई बारिश का आंकड़ा 400 एमएम पहुंच गया है। वहीं, करीब 25 गांवों में 4200 एकड़ भूमि पर खड़ी फसलों में पानी भरा है और इसके चलते किसान परेशान हैं।
दूसरी तरफ, सिंचाई विभाग ने सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को हेडक्वार्टर नहीं छोड़ने के निर्देश जारी कर दिए हैं। एसडीओ व जेई को 24 घंटे साइटों का जायजा लेते के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने अब कुछ नए स्थानों पर और जलभराव होने पर 8 गांवों में पंप व मोटर लगाए हैं ताकि पानी की निकासी हो सके। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो अब बारिश से अगेती बाजरा, कपास, मूंग व अन्य फसलों में नुकसान की आशंका बढ़ गई है। कई भागों में जलस्तर शून्य मीटर पर आ जाने से हालात खराब हो गए हैं।
विदित रहे एक से 20 अगस्त के बीच पश्चिमी हवाएं चलने व लगातार धूप खिलने की वजह से जलभराव से राहत मिल गई थी। पानी की निकासी कर दी गई थी। विभाग ने जलभराव वाले क्षेत्रों में 193 पंप सेट पहले से लगा रखे थे। अब गत एक सप्ताह से हुई करीब 110 एमएम बारिश की वजह से जिले के करीब 25 गांवों के खेतों में पानी भर गया है।
- इन गांवों में बनी समस्या
अधिक वर्षा होने के कारण गांव बौंंदकलां, निमड़ी, मालपोष, मिसरी, मिर्च, इमलोटा, मोरवाला, बिगोवा, भागवी, खातीवास, झींझर, अचीना, सरूपगढ़, सातौर, चरखी, पांडवान, फतेहगढ़, रावलधी, समसपुर, पैंतावाकलां, साहुवास, भागेश्वरी, बिरही कलां, कमोद, ढाणी फोगाट व कन्हेटी आदि गांवों के किसानों की फसलों में पानी भर गया है। विभाग की ओर से इन गांवों में डी-वॉटरिंग मशीनें एवं निकासी पंप-गृह स्थापित किए गए हैं। 236 मोटरें, ईवी सेट, वीटी पंप सेट एवं डीजल पंप सेट लगाए गए हैं।
- कहीं 300 तो कहीं 400 एकड़ में हुआ जलभराव
गांव इमलोटा, भागवी व समसपुर में सर्वाधिक जलभराव हुआ है। इमलोटा में मातनहेल-छुछकवास मार्ग से पानी आने के कारण अपेक्षाकृत अधिक जलभराव हुआ है। इस गांव में 300 एकड़ में फसलों में जलभराव हुआ। गांव समसपुर में 400 एकड़ में खड़ी फसल जलमग्न है। यहां लगातार डी-वॉटरिंग का कार्य जारी रहा। किसान नरेश कुमार,चांद सिंह, प्रकाश का कहना है कि बारिश से फसलें तबाह हो गई हैं। जलस्तर जमीन की सतह पर पहुंच गया है।
- सरपंचों से मांगा सहयोग
गांवों में जोहड़ों से जल निकासी का कार्य पंचायत विभाग की ओर से किया जाना है। सिंचाई विभाग ने पंचायत की मांग के अनुसार आवश्यक स्थानों पर पंप सेट उपलब्ध करवा रखे हैं। इनके संचालन और रख-रखाव की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को दी गई है। पानी की निकासी के दौरान सिंचाई विभाग की ओर से कनिष्ठ अभियंताओं एवं उपमंडल अधिकारियों को साइटों का लगातार जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं।
- जानिये...किस अधिकारी की लगी कहां ड्यूटी
एसडीओ अमित कुमार को झज्जर रोड पर पड़ने वाले गांवों की निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार, एसडीओ मंदीप कुमार लोहारू व भिवानी रोड पर पड़ने वाले गांवों की निगरानी रखेंगे। एसडीओ आशीष देशवाल की रोहतक रोड पर पड़ने वाले गांवों की जिम्मेदारी दी गई है। आम लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर 90508-66100 , 99915-10666 व 99967-22141 जारी किए गए हैं।
करीब 4200 एकड़ में जलभराव हो गया है। पानी निकासी के लिए कर्मचारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश हैं। अतिरिक्त मोटरें एवं पंप भी लगाए गए हैं। सरपंचों को चाहिए कि वे विभाग अधिकारियों से संपर्क में रहकर पानी निकासी में सहयोग करें।
-वेदपाल सांगवान, एक्सईएन मैकेनिकल, सिंचाई विभाग