चरखी दादरी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेश और सीसीआई परिसर में भरे पानी में युवक की जान जाने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने रोहतक रोड पर ओपन पाइपलाइन डाली थी। अब तक बिजली कनेक्शन नहीं मिलने के कारण यह लाइन वर्किंग में नहीं आ पाई है। मजबूरीवश विभाग अब भी पुराने ढर्रे पर सीसीआई परिसर में ही शहर की सीवर लाइनों का पानी निकाल रहा है। इससे खफा वार्ड-एक और दो के पार्षद ने सोमवार को रोष जताया और मंगलवार से शहर की सीवर लाइनों का पानी रोकने की चेतावनी दी।
बता दें कि जनस्वास्थ्य विभाग लंबे समय से शहर की सीवर लाइनों के पानी की निकासी सीसीआई परिसर में कर रहा है। 13 मार्च को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के जनसंवाद कार्यक्रम में वार्डवासियों ने यह समस्या उठाई थी। इस पर संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री ने विभाग को एक सप्ताह के अंदर पानी निकासी का आदेश दिया था। सीएम के आदेश अनुसार विभाग सीसीआई परिसर से पानी की निकासी नहीं कर पाया और 28 मार्च को सीसीआई परिसर में भरे पानी में डूबने से युवक की मौत हो गई थी।
उस दौरान वार्ड के लोगों ने जमकर रोष जताया और उपायुक्त प्रीति को मौके पर बुलाया था। उपायुक्त ने विभाग को सीसीआई परिसर में पानी निकासी बंद करने से पहले ओपन पाइप लाइन डालने का आदेश दिया था। इसके बाद विभाग ने पाइप लाइन तो डाल दी, लेकिन बिजली कनेक्शन न होने के चलते इसे शुरू नहीं कर पाया है। करीब 3 किलोमीटर की लंबाई में यह पाइपलाइन डाली गई। हालांकि वार्ड- एक से पार्षद जयसिंह लांबा और वार्ड-2 से पार्षद मुनेश दहिया का कहना है कि 600 मीटर की दूरी में पाइपलाइन डालने का काम अभी बाकी है जबकि बिजली कनेक्शन भी विभाग अब तक नहीं ले पाया है।
- 60 फीसदी शहर का पानी रोका तो विभाग व प्रशासन को होगी मुश्किलें
सोमवार को वार्ड-एक और दो के पार्षद मौके पर पहुंची और सीसीआई परिसर में की जा रही पानी निकासी की वीडियो भी बनाई। इस दौरान दोनों पार्षदों ने चेतावनी दी कि मंगलवार तक ओपन पाइपलाइन को चालू नहीं किया गया तो रोहतक फाटक के नीचे से आने वाले सीवर लाइनों के पानी को रोक देंगे। अगर 60 प्रतिशत शहर का पानी रुकता है तो फिर विभाग और प्रशासन के लिए मुश्किल स्थिति होगी।
- उपायुक्त ने एक्सईएन को ये दिए थे निर्देश
सीसीआई परिसर में भरे पानी में डूबने से युवक की मौत होने पर उपायुक्त प्रीति मौके पर पहुंची थी। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन आरसी गौड़ को एक सप्ताह के अंदर पाइपलाइन डालने का काम पूरा करने और इसके तत्काल बाद सीसीआई परिसर में पानी निकासी बंद करने के निर्देश दिए थे। उपायुक्त ने उस दौरान कहा था कि सीसीआई परिसर में भरे पानी की भी निकासी की जाए।
पार्षद बोले : अधिकारी नहीं गंभीर, नहीं सहेंगे मनमानी
वार्ड- एक से पार्षद जयसिंह लांबा और दो से पार्षद मुनेश दहिया ने कहा कि सीवर समस्या के समाधान के लिए अधिकारी गंभीर ही नहीं है। सब एक-दूसरे की जिम्मेदारी तय कर पीछा छुड़वा लेते हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार को ओपन पाइपलाइन चालू नहीं हुई तो दोपहर तक वो शहर की सीवर लाइनों का पानी रोक देंगे।
ओपन लाइन के बिजली कनेक्शन के लिए हमने आवेदन किया हुआ है जबकि पाइपलाइन डालने का काम पूरा करवा चुके हैं। बिजली कनेक्शन मिलते ही ओपन पाइपलाइन से पानी निकासी शुरू कर दी जाएगी।
-आरसी गौड़, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
फोटो 11 सीसीआई परिसर में की जा रही पानी निकासी दिखाते हुए वार्ड-एक से पार्षद जयसिंह और दो से पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र दहिया। विज्ञप्ति
फोटो 12 बिना बिजली कनेक्शन के रखी मोटर। विज्ञप्ति