संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जब हालात टूटने पर मजबूर करें, तब हौसला ही वह ताकत बनता है जो जीवन को नई दिशा देता है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है सेक्टर-8 स्थित कलियाणा बाईपास निवासी अनीता की।
अनीता ने कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाने का जिम्मा लिया। अनीता के पति वर्ष 2022 से टीबी से ग्रस्त होकर बिस्तर पर थे। घर में आय का कोई स्रोत नहीं था। बच्चों की पढ़ाई व पति की दवाइयों के लिए पैसे जुटाना मुश्किल हो गया था। इसी बीच अनीता खुद सड़क हादसे की शिकार हो गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। पिता की मृत्यु, मां का पैरालाइज हो जाना और सिर्फ चार बहनें होने व भाई के न होने से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थीं।
इलाज के बाद उन्होंने जीवन को दोबारा संवारने का निर्णय लिया। उन्होंने वर्ष 2023 में लोन लेकर ई-रिक्शा खरीदा और सवारियों को गंतव्य तक पहुंचाकर घर चलाने लगीं। आज अनीता के प्रयासों से उनके पति स्वस्थ हैं। बच्चों का दाखिला निजी स्कूल में हो चुका है। फिलहाल, उनका ई-रिक्शा खराब है लेकिन अनीता का आत्मविश्वास अडिग है।