फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Charkhi Dadri News: सैन्य सम्मान के साथ शहीद लांस नायक मनोज फोगाट को दी अंतिम विदाई

Sun, 18 May 2025 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
विज्ञापन
चरखी दादरी में बेटे प्रिंस से शहीद पिता को मुखा​ग्नि दिलाते परिजन। संवाद
विज्ञापन
फोटो 04शहीद लांस नायक मनोज फोगाट।
विज्ञापन

फोटो 05
बेटे प्रिंस से शहीद पिता को मुखाग्नि दिलाते हुए परिजन। संवाद
फोटो 06
बेटे प्रिंस और बेटी दीक्षा के साथ शहीद की पत्नी रेखा। संवाद
::::::::::::::::::::::::::::::
- पैतृक गांव समसपुर में 5 वर्षीय बेटे प्रिंस ने दी मुखाग्नि, पत्नी बोलीं- मेरा सब कुछ उजड़ गया, पर शहादत पर गर्व
- शहीद के पिता, भाई और बहन की पहले ही हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। कपूरथला में तैनात शहीद लांस नायक मनोज फोगाट की पार्थिव देह शनिवार सुबह पैतृक गांव समसपुर लाई गई। एनएच 334-बी के साथ लगती जमीन पर सैन्य सम्मान के साथ बलिदानी को अंतिम विदाई दी गई। 5 वर्षीय बेटे प्रिंस ने जांबाज पिता को मुखाग्नि दी। मंत्री श्रुति चौधरी, सांसद धर्मबीर सिंह और दादरी विधायक उमेद पातुवास भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
समसपुर निवासी मनोज फोगाट वर्ष 2011 में सेना में भर्ती हुए थे। शहादत के समय वह लांस नायक के पद पर कपूरथला में तैनात थे। दो दिन पहले ड्यूटी पर वह शहीद हो गए थे। सूचना मिलने पर वीरवार को ही परिजन कपूरथला के लिए रवाना हो गए थे।
विज्ञापन

पहले शुक्रवार शाम तक शहीद जवान की पार्थिव देह समसपुर गांव पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन, किन्हीं कारणों से पार्थिव देह शनिवार सुबह गांव पहुंची। इसके बाद जिलावासियों ने नम आंखों से अपने लाल को अंतिम विदाई दी।
- पत्नी बोली-मेरा तो सब कुछ उजड़ गया, मनोज की शहादत पर गर्व
शहीद की वीरांगना रेखा का शहादत की खबर सुनने के बाद से बुरा हाल है। रेखा ने कहा कि मनोज के जाने से मेरा तो सब कुछ उजड़ गया, लेकिन, पति की शहादत पर गर्व है। बेटा प्रिंस और बेटी दीक्षा बार-बार पिता के बारे में पूछ रहे हैं।
विज्ञापन

- मां बोली-बेटा दूध की रख गया लाज, मन्नै कसूता गर्व
मां संतोष ने कहा कि बेटे की शहादत पर कसूता गर्व है। लाल दूध की लाज रख गया। उन्होंने कहा कि बेटा सहारा तो छोड़कर चला गया, लेकिन, खुशी इस बात की है वह देश के काम आया। मनोज की शहादत पर बहुत-बहुत गर्व है। उन्होंने रोते हुए कहा कि वह ही सहारा था, जो छोड़कर चला गया। पति, एक बेटा व बेटी को पहले ही खो चुकी हूं। अब मनोज के बेटा-बेटी का लालन-पालन कौन करेगा, सबसे अधिक इस बात की चिंता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें