जनस्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली को लेकर शहर के पार्षदों में रोष है। ठप सीवर व्यवस्था और पेयजल संकट से पूरा शहर जूझ रहा है। इन समस्याओं को लेकर वीरवार सुबह नप चेयरमैन संजय छपारिया की अध्यक्षता में शहर के पार्षदों और पार्षद प्रतिनिधियों ने बैठक की। बैठक के बाद सांसद धर्मबीर सिंह और निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान को पत्र लिखा कर सरकार से बातचीत कर संबंधित विभाग की मार्फत समस्याओं का समाधान कराने की मांग की गई है।
चेयरमैन की ओर से लिखे पत्र क्रमांक एसपीएल-1/21 में बताया कि शहर के सभी 40 बूथों से सोमबीर सांगवान को जीताकर विधायक बनाया गया। शहरवासियों को उम्मीद थी कि वे लोगों को सीवर और पेयजल समस्याओं से निजात दिलाएंगे। विधायक को एक साल से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अब तक शहर की सीवर और पेयजल समस्याएं जस की तस हैं।
इस समय शहर में जगह-जगह सीवर मैनहोल ओवरफ्लो कर रहे हैं, जबकि पिछले पांच दिनों से शहर में पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। चेयरमैन संजय छपारिया, पार्षद महेश गुप्ता, पार्षद रोहित, पार्षद प्रतिनिधि रमेश लांबा व सुभाष स्वामी आदि ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात करते हैं, तो जलघर के टैंक खाली होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। जब सीवर संबंधी शिकायत करते हैं, तो जल्द टीम भेजकर सीवर लाइन की ब्लॉकेज खोलने का आश्वासन दिया जाता है। अधिकारी समस्याओं का समाधान करने की बजाय आश्वासन देने तक ही सीमित है और शहर की 80 हजार की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पत्र में सांसद और विधायक से सरकार से बातचीत कर संबंधित विभाग की मार्फत समस्याओं का समाधान कराने की मांग की गई है।
शहर में 60 जगह ब्लॉकेज, 20 कॉलोनियों में बनी दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या
पार्षदों ने बताया कि शहर के 21 वार्डों में 60 से अधिक जगहों पर सीवर लाइन ब्लॉकेज हैं, जिनके चलते पानी की निकासी नहीं हो रही है। सीवर मैनहोल ओवरफ्लो करने से बारिश का पानी भी गलियों और सड़कों पर भरा हुआ है। शहर की करीब 20 कॉलोनियों में दूषित पानी की आपूर्ति की समस्या पिछले लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन समाधान अब तक नहीं हुआ है।
जनस्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली से पूरा शहर परेशान है। विधायक को पार्षद कई बार समस्याओं से अवगत करवा चुके हैं, लेकिन एक साल बाद भी हालात जस के तस हैं। वीरवार को हमने सांसद और विधायक को पत्र लिखा है और जल्द ही अगली रणनीति तैयार करेंगे। सीवर और पेयजल समस्याओं से शहरवासी त्रस्त हैं, लेकिन विभाग समाधान को लेकर संजीदा नहीं है।
संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद
मैं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कई बार सीवर और पेयजल समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दे चुका हूं। व्यवस्थाओं में सुधार के लिए मैंने पांच करोड़ रुपये का बजट जनस्वास्थ्य विभाग को देने की घोषणा की थी। यह बजट राशि अभी नहीं आई है। शहरवासियों को सीवर और पेयजल समस्याओं से निजात दिलाने के लिए मैं प्रयासरत हूं।
सोमबीर सांगवान, विधायक, दादरी
हम लगातार शहर की सीवर ब्लॉकेज खोल रहे हैं। जल्द से जल्द शहर की सीवर व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा और इसके लिए हम प्रयासरत हैं।
शशिकांत, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग