फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सामग्री विज्ञान और उपकरण जीवनपर्यंत महत्व रखने वाला विषय : राजेश पूनिया

Tue, 25 Mar 2025 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
विज्ञापन
जनता कॉलेज में आयोजित सम्मेलन में मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए। स्रोत: संस्थान
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

चरखी दादरी। जनता महाविद्यालय में भौतिक शास्त्र विभाग एवं रिसर्च प्लेटो पब्लिशर्स इंडिया का तृतीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ।
सम्मेलन के संयोजक एवं वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. जयवीर सिंह ने बताया कि उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि प्रोफेसर दीप्ति धर्माणी कुलपति चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय भिवानी एवं महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में भौतिक शास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर राजेश पूनिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्रबंधन समिति के महासचिव राधेश्याम ऐरन ने की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रोफेसर धर्मानी ने कहा कि सामग्री विज्ञान एवं उपकरणों का अध्ययन आधुनिक प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक नवाचार का एक महत्वपूर्ण आधार है। यह क्षेत्र विभिन्न प्रकार की सामग्रियों धातु, पॉलिमर, सिरामिक्स, नैनोमैटेरियल आदि के गुणों, संरचनाओं और अनुप्रयोगों का विश्लेषण करता है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि उद्योग, चिकित्सा, इलेक्ट्रॉनिक्स और अंतरिक्ष अनुसंधान में उन्नत सामग्री एवं उपकरणों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह विज्ञान उच्च प्रदर्शन वाली, पर्यावरण-अनुकूल और किफायती सामग्रियों के विकास में सहायक होता है। इसलिए इस विषय पर सम्मेलन आयोजित कर वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान करना, नवाचार और तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा।
विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर राजेश पूनिया ने शोधार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि सामग्री विज्ञान एवं उपकरण जीवन पर्यंत महत्व रखने वाला विषय है। उन्होंने रसोई घर में लाइटर से लेकर अंतरिक्ष तक के सफर में सामग्री विज्ञान का उल्लेख किया।
विज्ञापन

प्राचार्य डॉ. यशवीर सिंह ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का आभार जताते हुए कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन के माध्यम से न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महाविद्यालय को ख्याति प्राप्त होती है। तकनीकी सत्र में मुख्य रूप से अभिजीत मुखोपाधाय, डॉ. यशु स्वामी, डॉ. मंजीत गोयल के शोधपत्र सराहनीय रहे। इस अवसर पर आईसी जैन, सुरेश गोयल की विशेष उपस्थिति रही।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें