संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों की कलम छोड़ हड़ताल के चलते आमजन की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। हड़ताल से जिले की दादरी व बाढड़ा तहसील और बौंद उप-तहसील में गत वीरवार से जमीनों की रजिस्ट्रियों के साथ-साथ राजस्व विभाग से संबंधित अन्य आवश्यक कार्य भी अटके हुए हैं।
सरकार द्वारा सोमवार को एसडीएम व डीआरओ को रजिस्ट्रियों करने संबंधित आदेश देने के बावजूद सोमवार को जिले में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि एसडीएम अवकाश पर थे और डीआरओ कार्यालय के काम के चलते बाहर थे। हालांकि सोमवार को रजिस्ट्री के लिए एक टोकन जरूर जारी हुआ, लेकिन अधिकारियों के न होने से रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
क्या कहते हैं लोग
जमीन के इंतकाल में मेरे पिता का नाम गलत दर्ज किया हुआ है। इसे दुरुस्त करवाने के लिए लंबे समय से चक्कर लगाने के बावजूद समाधान नहीं हो पा रहा है। सोमवार को भी कार्यालय में आया लेकिन तहसीलदार न होने के कारण काम अधूरा ही रह गया। रामानंद, ग्रामीण।
मुझे मेरे ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण करवाना है। इसके लिए शपथ पत्र की जरूरत है। सोमवार को शपथ पत्र बनवाने के लिए आया, लेकिन यहां आने पर हड़ताल का पता चला। दीपक, डोहका हरिया निवासी।
सरकार को करोड़ों के राजस्व का हो रहा नुकसान
बता दें कि दादरी जिले में सामान्य दिनों में हर रोज जमीनों की करीब 60 रजिस्ट्री होती थी। इनसे स्टांप ड्यूटी व रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। लेकिन पिछले तीन कार्य दिवस के दौरान रजिस्टि्रयां आदि न बनने से सरकार को भी करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।