फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले के सरकारी स्कूलों में कंडम भवनों का होगा कायाकल्प

विज्ञापन
शहर का राजकीय कंडम स्कूल जहां बीईओ कार्यालय चल रहा है। - फोटो : CharkhiDadri
विज्ञापन
शिक्षा विभाग ने राजकीय स्कूलों में कंडम भवनों की सुध ले ली है। अब जिले के कंडम राजकीय स्कूलों के भवन को नया रूप देकर सुधारा जाएगा। स्कूलों के भवन के जीर्णोद्धार, शौचालय व अन्य जरूरत की बिल्डिंग बनवाने के शिक्षा विभाग निदेशालय ने विवरण मांगा है। इस पर शिक्षा विभाग ने काम शुरू कर दिया है।
विज्ञापन

जिले में कई दशक पूर्व बने राजकीय स्कूलों की हालत अब खस्ता बनी हुई है। कई गांवों में स्थित स्कूलों का भवन कंडम हो चुका है। इन स्कूलों में सर्दी, गर्मी व बारिश के मौसम में बेहद परेशानी होती है। इन स्कूलों के भवन काफी जर्जर होने की वजह से शिक्षकों व छात्रों को परेशानी होती है। सर्दी के मौसम में शीत लहर तो गर्मी में लू के थपेड़े झेलने पड़ते हैं। बारिश के मौसम में तो कई स्कूलों में लंबे समय तक जलभराव बना रहता है। इससे स्कूलों में अवकाश करना पड़ जाता है और बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। शहर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में हर साल जलभराव की समस्या बनती है। गांव लोहरवाड़ा स्कूल में भी यही हालात बने रहते हैं।
कई राजकीय स्कूलों में शौचालय की सुविधा भी नहीं है। शौचालयों का निर्माण करने के लिए भी अब विभाग प्लान तैयार कर रहा है। कई जगह स्कूलों मेेें पानी की उचित प्रबंध नहीं होने से भी दिक्कत बन रही है। खेल मैदान में जलभराव की समस्या भी है। स्कूलों के खेल मैदान में मिट्टी डालकर लेवल ऊंचा उठाने की जरूरत है, ताकि पानी न भरने पाए। खेल स्पर्धाओं के दौरान ज्यादा दिक्कत होती है। शहर के राजकीय स्कूल के कंडम भवन में बीईओ कार्यालय रहा है। यह भवन बहुत पुराना है। इस भवन के नए सिरे से निर्माण की जरूरत है।
विज्ञापन

हाल ही में शिक्षा विभाग के निदेशक राकेश गुप्ता ने समग्र शिक्षा विभाग अधिकारियों की मीटिंग ली है। मीटिंग में निदेशक ने जिले स्तर पर सभी राजकीय स्कूलों के जर्जर भवनों की रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए स्कूल कमरे, शौचालय व अन्य भवन निर्माण के लिए ब्योरा मांगा है, ताकि बजट जारी कर इन स्कूल भवनों की मरम्मत करवाई जा सके। निदेशक के निर्देश पर जिला के शिक्षा विभाग अधिकारियों ने काम शुरू कर दिया है। इसके लिए सभी स्कूलों की सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट तैयार कर हैड ऑफिस भेजी जाएगी, ताकि जल्द ही बजट मिल सके।
एसडीओ जयवीर सिंह ने बताया कि शिक्षा निदेशालय में आयोजित बैठक में जिले के स्कूलों के जर्जर भवन का ब्योरा मांगा गया है। अब जल्द ही इन स्कूलों की सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने के बाद हेड ऑफिस भेज दी जाएगी। बजट उपलब्ध होते ही स्कूलों की मरम्मत करवा दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें