चरखी दादरी। लघु सचिवालय स्थित किला मैदान में शिक्षा बचाओ आंदोलन समिति का जनआंदोलन सोमवार को भी जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने बताया कि यह दादरी के बच्चों, युवाओं और जिले के भविष्य के लिए लड़ी जा रही लड़ाई है। यह किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है।
समिति के सदस्य और हरियाणा सब्जी मंडी एसोसिएशन के प्रधान नितिन जांघू ने इसे पूरे समाज की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि इसे मिलकर मंजिल तक पहुंचाया जाएगा। सीटू की जिला सह संयोजक कमलेश भैरवी ने आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए महिलाओं और पढ़ने वाले विद्यार्थियों को व्यापक स्तर पर जोड़ने की बात कही।
इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग सेंटरों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। गांधीनगर से पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र दहिया ने शहर के सभी पार्षदों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को आंदोलन से जोड़ने का आह्वान किया।
प्रशासनिक पदों की कमी
समिति ने कहा कि सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी है। स्थायी भवन और खेल मैदान का अभाव भी एक बड़ी समस्या है। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। एडीसी, सीटीएम, डीआरओ, बीडीपीओ, तहसीलदार, डीएमसी, ईओ, डीटीसी और बिजली विभाग के एक्सईन जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद लंबे समय से खाली हैं। यह जिले के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। इन समस्याओं का सीधा असर विद्यार्थियों, किसानों, युवाओं और आम नागरिकों पर पड़ रहा है। बैठक में पूर्व सरपंच बलबीर सिंह चिडि़या, व्यापार मंडल प्रधान सुरेश पंडवानिया, कर्मचारी नेता ओमबीर बलकरा, किसान नेता सुरेश सांगवान खेड़ी बूरा, अनोखी देवी, कर्मबीर चहल नीमड़ी, अधिवक्ता पवन लांबा, जयभगवान मस्ताना और संदीप उर्फ बाला कादयान सहित कई प्रबुद्ध लोग उपस्थित रहे।
जन-जागरण पदयात्रा की अपील
समिति ने जिले के सभी छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक संगठनों, व्यापारी वर्ग और जागरूक नागरिकों से अपील की है। उन्होंने ‘‘एक घंटा अपने बच्चों के नाम, एक कदम दादरी के भविष्य के नाम’’ स्लोगन के माध्यम से आह्वान किया। वे प्रतिदिन शाम 5 बजे किला मैदान से निकलने वाली जन-जागरण पदयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और चरखी दादरी के प्रशासनिक अधिकारों की यह जन-लड़ाई मजबूत होगी।