खापों को मानते थे समाज की अहम कड़ी
सत्यपाल मलिक खाप परंपरा के पक्षधर थे। वो मानते थे कि खापों की समाज निर्माण में अहम भूमिका है। उनका मानना था कि खाप पंचायतों ने समाज में मान-मर्यादा और भाईचारे की भावना को कायम रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सत्यपाल मलिक बेबाक व दबंग राजनेता और सच्चे इंसान थे। उनके निधन से देश को बड़ी क्षति हुई है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। दादरी से उनका खास जुड़ाव था और किसान आंदोलन का समर्थन करने पर वर्ष 2022 में फोगाट खाप ने उन्हें दादरी बुलाकर सम्मानित भी किया था। -सुरेश फोगाट, प्रधान, फोगाट खाप-19
सत्यपाल मलिक हर वर्ग के हितैषी थे। किसान व जवान का पक्ष लेने के लिए हरदम तैयार रहते थे। मेघायल के राज्यपाल रहते हुए वे दादरी आए थे और उस दौरान सभी खापों व संगठनों के पदाधिकारियों से मिले थे। उनका व्यक्तित्व महान था। -नरसिंह सांगवान, सचिव, सांगवान खाप-40