चरखी दादरी/ बाढड़ा। सरपंच एसोसिएशन ने सोमवार को शहर में रोष मार्च निकाला और सीटीएम रेणुका को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। ज्ञापन में कहा गया कि सात दिन में उनकी मांगें न मानने पर सभी गांवों से 50-50 लोग चंडीगढ़ के लिए रवाना होंगे और सीएम आवास का घेराव करेंगे। पंच-सरपंचों ने विकास कार्यों के लिए कोई प्रस्ताव तैयार नहीं करने का निर्णय लिया। सांसद, विधायकों व अधिकारियों के कार्यक्रमों का बायकाट करने का भी उन्होंने आह्वान किया।
हरियाणा सरपंच एसोसिएशन कोर ग्रुप कमेटी के उपाध्यक्ष व सूबेदार रामचंद्र उमरवास की अगुवाई में बीडीपीओ से उपायुक्त कार्यालय तक विरोध प्रदर्शन करते हुए रोष प्रकट किया गया। जिले भर से आए सरपंचों को संबोधित करते हुए दादरी खंड प्रधान सुनील रासीवास ने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र की नीतियों पर अपना मनमाना आदेश थोप रही है। ई- टेंडरिंग के नाम पर पंचायत प्रतिनिधियों का अपमान किया जा रहा है जो न्यायसंगत नहीं है। जब देश के सांसदों व विधायकों पर रिकाॅल का कानून नहीं लागू हो पा रहा है तो उन पर कैसे दबाव बनाया जा रहा है।
सुनील रासीवास ने कहा कि सरकार जानबूझ कर अफसरशाही को बढ़ावा देने के लिए उनके अधिकारों व पंचायतीराज शक्तियों का हनन कर रही है। सभी खंडों में ग्राम सचिवों की कमी के कारण विकास कार्य नहीं हो पाते। स्टाफ बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। धरनारत पंचायत प्रतिनिधियों ने ई- टेंडर की नीति व परिवार पहचान पत्र वापस लेने, मनरेगा की ऑनलाइन उपस्थिति आदेश वापस लेने, गांवों में दो-दो सफाई कर्मचारी तैनात करने की मांग की।
- ये रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में बाली खातीवास, सुनील रासीवास, सरपंच शमशेर पंचगावां, एडवोकेट कुलबीर सिंह गोपी, आनंद श्योराण डांडमा, नरेश कारीमोद, सोमेश जेवली, सूबेदार इंदराज काकड़ौली, टेकराम डालावास, ज्ञानवीर सिरसली, रमेश काकड़ौली, रणबीर रोहिल्ला, रामफल खोरड़ा, बबलू सरपंच चांदवास, अनिल बिलावल, कुलदीप हुई, पुरुषोत्तम रामपुरा, कर्मबीर सिंह, प्रद्युमन शर्मा, अजीत सिंह, पूनम रानी, ईश्वर धारणी, मीना देवी आदि मौजूद रहे।