फोटो-11 सांसद धर्मबीर सिंह अधिकारियों की बैठक लेते हुए। स्रोत : विज्ञप्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। सरकार की ओर से बारिश के कारण हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। अधिकारी ध्यान रखें कि नुकसान की रिपोर्ट में किसी भी स्तर पर शिकायत न आए। दादरी शहर और ग्रामीण क्षेत्र में जलभराव की समस्या के स्थायी और अस्थायी समाधान के लिए योजना तैयार करें। गांव में फिरनी पर बांध बनाकर पक्की फिरनी करने की संभावना को भी तलाशें। ड्रेन निर्माण की योजना पर भी काम किया जाए। अधिकारी इस प्रकार से काम करें कि भविष्य में जलभराव की समस्या न हो।
लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह ने दादरी में जलभराव की समीक्षा करते हुए ये आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण जान माल की हानि भी हुई है। नागरिक, पशु व किसान सहित फसलों को भी नुकसान हुआ है। हालत ये है कि रबी की फसलों की बुआई होना भी मुश्किल है। उन्होंने कहा कि अब कुदरती बदलाव भी नजर आने लगा है। इसके चलते भविष्य में भी तेज बारिश से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
सांसद ने कहा कि दादरी शहर और जिले के कई गांव भी बारिश से प्रभावित हुए हैं। जिले में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना बेहद जरूरी है। इस समय पानी निकासी को प्राथमिकता दी जाए।
सांसद ने कहा कि सिंचाई, पंचायत, राजस्व, जन स्वास्थ्य सहित सभी संबंधित विभाग दादरी शहर के प्रभावित वार्ड और प्रभावित गांव की रिपोर्ट तैयार करें, जिसमें पानी निकासी के स्थायी समाधान के लिए योजना प्रस्तावित हो। ड्रेन निर्माण को भी प्रस्ताव में शामिल करें।
सांसद ने पंचायत विभाग को निर्देश दिए कि वे एक प्रस्ताव बनाएं, जिसमें 10 जेसीबी और एक पोकलैन मशीन सहित अन्य उपकरणों की खरीद हो सके। इन उपकरणों के माध्यम से जिले के सभी गांवों के तालाबों की सफाई करवाई जाए। सांसद ने कहा कि कई गांवों में खेतों आदि के रास्ते नीचे हैं, जहां पानी भर जाता है। तालाब की सफाई के दौरान निकलने वाली मिट्टी से इन रास्तों को दुरुस्त किया जाए। तालाब सफाई और मिट्टी ढुलाई के डीजल के खर्चे को ग्राम पंचायत वहन करेगी। संबंधित अधिकारी ऐसे सभी तालाबों की रिपोर्ट तैयार करें।
सांसद ने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से बारिश के कारण फसल व अन्य तरह के नुकसान की भरपाई की जानी है। इसके लिए लोग विभिन्न माध्यमों से आवेदन कर रहे हैं। जिसकी जांच अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ओर से की जानी है। ऐसे में विशेष ध्यान रहे कि सत्यापन के बारे में किसी भी स्तर पर शिकायत न आए।
उपायुक्त डाॅ. मुनीष नागपाल ने बताया कि जिले में स्थिति सामान्य है। प्रशासन की ओर से जलभराव पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी अधिकारियों को जिला मुख्यालय नहीं छोड़ने के आदेश दिए हुए हैं। दादरी शहर के अंदर जलभराव की समस्या नहीं है। जिले में 50 गांवों के खेतों में जलभराव हुआ है। सिंचाई विभाग की ओर से 258 पंपों की सहायता से पानी निकासी की जा रही है। हर रोज लगभग 460 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है।
बैठक में नगर परिषद के चेयरमैन बक्शीराम सैनी, एसडीएम दादरी योगेश सैनी, सीईओ जिला परिषद डाॅ. विरेंद्र सिंह, एसडीएम बाढड़ा आशीष सांगवान, सीटीएम प्रीति रावत, सहकारी बैंक चेयरमैन सुधीर चांदवास, भाजपा जिला अध्यक्ष सुनील मौजूद रहे।