बाढड़ा। आकांक्षी खंड कार्यक्रम के अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 का सोमवार को शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम संयोजक मणिप्रकाश ने बताया कि अभियान नीति आयोग की ओर से संचालित आकांक्षी खंड कार्यक्रम का महत्वपूर्ण चरण है, इसका उद्देश्य चयनित खंडों में सामाजिक-आर्थिक संकेतकों में तेजी से सुधार लाना है।
विधायक उमेद पातुवास ने खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय में एसडीएम आशीष सांगवान की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि खंड बाढड़ा को 513 आकांक्षी खंडों में अव्वल दर्जा दिलाने के लिए सरकारी विभागों, जनप्रतिनिधियों और समाज के हर वर्ग को मिलकर समन्वित प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि संपूर्णता अभियान 2.0 केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनआंदोलन है। इसकी सफलता जनभागीदारी पर निर्भर करती है।
एसडीएम आशीष सांगवान ने कहा कि निर्धारित संकेतकों पर लक्ष्य आधारित कार्ययोजना बनाकर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि समयबद्ध और मापनीय परिणाम सुनिश्चित हों। उन्होंने सरकारी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।
कार्यक्रम के संयोजक मणि प्रकाश ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि संपूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत छह प्रमुख इंडिकेटर्स पर केंद्रित होकर कार्य किया जाएगा, ताकि बाल पोषण, स्वच्छता, शिक्षा, पेयजल और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में ठोस सुधार लाया जा सके।
इस अवसर पर सीएमजीजीए यशोवर्धन गाड़ेकर, खंड विकास अधिकारी दीपक शर्मा नोडल अधिकारी के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आनंद फौजी, बीईओ जोगेंद्र गुलिया, हरपाल सिंह आर्य, महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनीता सांगवान,पशुपालन विभाग के एसडीओ उमेद सिंह, राजेश बाढड़ा, ज्योति शर्मा मौजूद रहे।
इन लक्ष्यों पर खरा उतरने के लिए किए जाएंगे प्रयास
नीति आयोग सदस्य मणिप्रकाश ने बताया कि आकांक्षी योजना में अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों से छह वर्ष तक की आयु के सभी पंजीकृत बच्चों को शत-प्रतिशत पोषक आहार उपलब्ध कराना। प्रत्येक पंजीकृत बच्चे की मासिक रूप से लंबाई और वजन माप सुनिश्चित करना, ताकि कुपोषण की समय रहते पहचान हो सके। आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यशील शौचालयों का प्रतिशत बढ़ाना। आकांक्षी खंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर शत-प्रतिशत पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करना। सरकारी विद्यालयों में छात्राओं की संख्या के अनुरूप पर्याप्त शौचालय सुविधा उपलब्ध कराकर छात्रा नामांकन और उपस्थिति को बढ़ावा देना। पशुपालन विभाग द्वारा दुधारू पशुओं में टीकाकरण का प्रतिशत शत-प्रतिशत तक ले जाना आदि शामिल रहेंगे।