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Charkhi Dadri News: अनाज गोदामों के लिए गुजरात से सल्फास दवा के सैंपल की पंचकूला में होगी जांच

Mon, 07 Sep 2026 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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जिले में स्थित अनाज का गोदाम। 
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चरखी दादरी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने अनाज गोदामों में भंडारित खाद्यान्न को कीट, जीवाणु और विषाणुओं से सुरक्षित रखने की कवायद शुरू की है। इसके तहत गुजरात से सल्फास दवा के सैंपल लेकर पंचकूला प्रयोगशाला में जांच करवाई जाएगी।
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गोदामों में अनाज के उपचार के लिए इस्तेमाल होने वाली सल्फास सहित अन्य दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। जिले से कर्मचारियों की एक टीम गुजरात पहुंची है। टीम वहां से दवा के सैंपल लेगी। प्रयोगशाला जांच में दवा के मानकों पर खरा उतरने के बाद ही इसे प्रदेशभर के गोदामों में अनाज के उपचार के लिए भेजा जाएगा।
अनाज का नियमित उपचार
अनाज को गोदामों में सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर उसका उपचार होता है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग प्रत्येक तीन माह के अंतराल पर गोदामों में रखे अनाज का उपचार करवाता है। इसका उद्देश्य भंडारित गेहूं व अन्य खाद्यान्न को कीटों और सूक्ष्म जीवों से बचाना है। उपचार नहीं होने पर लंबे समय तक रखे अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बना रहता है।
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मानसून में बढ़ती समस्या और गुणवत्ता पर ध्यान
गोदामों में रखे अनाज में हर साल कीट, जीवाणु एवं विषाणु पैदा होने की शिकायतें आती हैं। मानसून सीजन के दौरान नमी बढ़ने से यह समस्या और गंभीर हो जाती है। नमी और अनुकूल तापमान के चलते अनाज में कीट पनपने की आशंका रहती है। ऐसे में निर्धारित अंतराल पर दवा का छिड़काव या अन्य प्रक्रिया से अनाज का उपचार जरूरी है। विभाग इस बार दवा की उपलब्धता के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रहा है। वहां विशेषज्ञ सैंपल की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुसार जांच करेंगे।
जिले के गोदाम और निगरानी
जिले में हैफेड और वेयरहाउस के गोदामों में अनाज का भंडारण होता है। गांव घसोला और कोहलावास में अनाज के गोदाम बने हुए हैं। इन गोदामों में लंबे समय तक अनाज भंडारण के कारण नियमित निगरानी और उपचार की जरूरत रहती है। विभागीय कर्मचारी समय-समय पर गोदामों का निरीक्षण कर अनाज की स्थिति का जायजा लेते हैं। दवा की गुणवत्ता की जांच पूरी होने के बाद ही इसका इस्तेमाल अनाज के उपचार में होगा। इससे भंडारित खाद्यान्न को कीटों से सुरक्षित रखने के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। खासकर मानसून के बाद गोदामों में अनाज के रखरखाव के लिए विभाग की निगरानी बढ़ जाती है।


कार्यालय से एक टीम गुजरात भेज रखी है। वहां से दवा के सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच करवाई जाएगी। मानकों पर खरा उतरने पर दवा का इस्तेमाल किया जाएगा। विभाग अनाज के रखरखाव पर विशेष ध्यान दे रहा है।
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- संजीव कुमार, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी।
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