संवाद न्यूज एजेंसी
फसल बिजाई-कटाई के सीजन में ग्रामीण रोजगार योजना के कामों पर रहेगा विराम
चरखी दादरी। विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत रबी और खरीफ सीजन में फसलों की बिजाई और कटाई के दौरान निर्धारित अवधि के लिए श्रमिकों को मिलने वाले रोजगार पर विराम रहेगा। इस दौरान श्रमिक खेतों में किसानों के साथ काम कर सकेंगे। फसल सीजन में किसानों को श्रमिकों की कमी का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिनियम की धारा 6 की उपधारा 2 के तहत यह प्रावधान किया गया है।
नई योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों को अब साल में 100 की बजाय 125 दिन रोजगार देने का प्रावधान है। इसके अलावा योजना में शामिल कार्यों की संख्या 261 से बढ़ाकर 318 कर दी गई है। हालांकि, योजना के तहत काम शुरू करवाने के लिए ग्राम पंचायतों को कार्यों की सूची तैयार करनी होगी और स्वीकृति के बाद ही काम करवाए जा सकेंगे।
बॉक्स
इन माह में श्रमिकों के कार्यों पर रहेगा विराम
=28 अक्तूबर से छह नवंबर
आठ से 18 नवंबर
= 25 जून से 15 जुलाई
= एक से 10 मार्च व एक से 10 अप्रैल
बॉक्स-=
योजना के तहत ग्राम पंचायतों को अपने क्षेत्र में कार्य करवाने के लिए सूची तैयार करने को कहा गया है। जिले में करीब 10 हजार श्रमिक हैं। विदित रहे विकसित भारत ग्रामीण रोजगार योजना एक जुलाई से लागू हो चुकी है। इसके लिए राज्य सरकार ने योजना के तहत 250 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। श्रमिकों को अब 100 की बजाय 125 दिन काम मिलेगा। काम न मिलने पर भत्ता दिया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए 95 हजार 692 करोड़ का बजट पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है।
योजना में ग्रामीण आजीविका, आपदा प्रबंधन, ग्रामीण आधारभूत ढांचा व सामाजिक सुरक्षा की चार श्रेणियां बनाई गई हैं। एडीसी व डीसी की स्वीकृति से ही सभी काम होने हैं। अब जिला परिषद से इसकी शक्तियां वापस ले ली गई हैं। पंजीकृत श्रमिक को ही योजना के तहत 125 दिन का काम मिलेगा। योजना के तहत श्रमिक की ऑनलाइन हाजिरी लगती है। उसका ई-केवाईसी होना जरूरी है।
बॉक्स-
सरपंच को कार्य करवाने के लिए पंचायत का प्रस्ताव तैयार कर जमा करवाना होता है। जिस भी गांव में गली आदि में मिट्टी डलवानी होती है, खेल स्टेडियम को समतल करवाना है या अन्य श्रमिक स्तर के कार्य करवाने हैं तो इस योजना के तहत ही पूरा करवाया जाना है। कई जगह ऐसी होती हैं जहां मिट्टी डालनी होती है, वहां श्रमिकों से काम करवाया जाता है। योजना के तहत श्रमिक को अब 409 रुपये दिहाड़ी मिलेगी। श्रमिक के बैंक खातों में मजदूरी राशि भेजी जाएगी। जिस गांव में छोटे स्तर के कार्यों को करवाने की जरूरत है वहां सरपंच प्रस्ताव तैयार करते हैं। सरकार ने इस स्कीम पर ज्यादा ध्यान दे रखा है ताकि श्रमिकों को मजदूरी मिले सके और वे अपनी आजीविका कमा सकें। इस स्कीम के तहत सरकार के रूरल डेवलपमेंट, वन विभाग,रेलवे, शिक्षा विभाग,पीडब्ल्यूडी,स्वास्थ्य आदि विभागों में कार्य करवाए जा सकते हैं।
वर्जन
नई योजना के तहत रबी व खरीफ सीजन में कुछ दिन के लिए विराम रहेगा। श्रमिक फसल कटाई व कढ़ाई के काम करवा सकते हैं। कटाई के समय किसान के पास श्रमिकों की कमी होती है। इसलिए ही योजना के कामों को निश्चित समय के लिए विराम दिया गया है।
एबीपीओ मंजीत फोगाट, शाखा, विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना