बैठक में ट्रांसपोर्टरों को दिशा-निर्देश देतीं एडीसी सुभिता ढाका।
- फोटो : CharkhiDadri
एडीसी एवं आरटीए सुभिता ढाका की सक्रियता के बाद अब जिला प्रशासन ने ओवरलोडिंग पर कार्रवाई करने की तैयारियां कर ली है। नई योजना के मुताबिक प्रशासन आरटीए टीम की रेकी करने वालों पर भी कार्रवाई करेगा। यह काम जिला पुलिस को सौंपा गया है। वीरवार को एडीसी सुभिता ढाका ने ट्रांसपोर्टरों की बैठक लेकर उन्हें इसकी जानकारी दे दी है। एडीसी ने कहा कि ट्रक चालक यातायात नियमों के दायरे में रहकर ही अपनी आजीविका चलाएं। इस समय ओवरलोड वाहन दूसरे वाहनों के लिए जोखिम का सबब बन रहे हैं। ओवरलोडिंग पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सुभिता ढाका ने कहा कि यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए दादरी जिले में ओवरलोडिंग पर नकेल कसी जाएगी। दोगुना वजन लेकर चलने वाले वाहन चालक किसी भी राहगीर या दूसरे वाहन के लिए खतरा बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रक चालक अपनी गाड़ी की क्षमता व निर्धारित सीमा के अनुसार खनन सामग्री का वजन लेकर चलें। रेत, बजरी व रोड़ी आदि को डाले से ऊपर तक न भरें। ट्रकों से ये रोड़ियां सड़क पर बिखरती हुई चलती हैं। धूल और रेत उड़ने की वजह से शहर में प्रदूषण फैलता है। ओवरलोड डंपर या ट्राले दूसरे वाहनों के लिए जोखिम का सबब बने हुए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि सभी ट्रक चालक यातायात नियमों के दायरे में रहकर अपनी आजीविका का कार्य करें। नए ट्रैफिक नियमों के अनुसार अब ओवरलोड की जुर्माना राशि भी पहले से काफी अधिक हो गई है। इसलिए ट्रक चालक व ट्रांसपोर्टर यातायात व्यवस्था को बनाए रखने में प्रशासन को सहयोग देंगे तो उनको भी किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस अवसर पर उपस्थित ट्रांसपोर्टरों ने अतिरिक्त उपायुक्त को आश्वासन दिया कि उनकी ओर से भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिलेगी।
ओवरलोडिंग जिले की सबसे बड़ी समस्या : सीटीएम
बैठक में उपस्थित सीटीएम जितेंद्र सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग दादरी जिले की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। माइनिंग जोन से ट्रक, डंपर व ट्राले आदि पूरी कानवाई बनाकर चलते हैं। ओवरटेक करते समय या भारी-भरकम वजन लेकर चल रहे वाहनों की वजह से सड़क पर दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है।
रेकी करने वालों की लोकेशन देखेगी पुलिस : ट्रैफिक एसएचओ
ट्रैफिक थाना प्रभारी दलबीर सिंह ने बैठक में कहा कि कुछ लोगों ने गाड़ियों को चालान से बचाने के लिए रेकी का धंधा अपना रखा है। ये लोग यह देखते रहते हैं कि रोड पर कहीं पुलिस का नाका या आरटीए की टीम तो नहीं खड़ी है। पुलिस अब इस प्रकार की रेकी करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी और उनके मोबाइल फोन की जांच करवाई जाएगी।