ठप सीवर सिस्टम और सीवर का पानी मिक्स पेयजल सप्लाई की समस्या से परेशान होकर धरने पर बैठे 12 पार्षदों ने जन स्वास्थ्य एसई को गुरुवार शाम खरी-खरी सुना दी। एसई वीरवार शाम करीब छह बजे धरनास्थल पर पार्षदों को बातचीत करने पहुंचे थे। धरने पर बैठे पार्षदों और एसई के बीच करीब बीस मिनट तक वार्ता चली, लेकिन अंत तक पार्षद एसई के आश्वासन से संतुष्ट नहीं हो सके। पार्षदों ने कहा कि 12 पार्षद धरने पर बैठे हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी चेयरमैन समर्थित पार्षदों के वार्ड में ही सीवर समस्याओं का समाधान करवा रहे हैं। जबकि धरना दे रहे पार्षदों के वार्डों में सीवर ब्लॉकेज खोलने के लिए अब तक कोई कर्मचारी नहीं आया है।
गौरतलब है कि गत मंगलवार को दस पार्षद लघु सचिवालय में धरने पर बैठ गए थे। बुधवार को पार्षदों की संख्या बढ़कर 12 हो गई थी। वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण भी पार्षदों के साथ धरने पर हैं। वीरवार को जन स्वास्थ्य विभाग एसई राजेंद्र जांगड़ा शाम करीब छह बजे धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पार्षदों से समस्याएं पूछीं और उनके जल्द समाधान का आश्वासन दिया। उनके आश्वासन से पार्षद संतुष्ट नहीं हुए और खफा पार्षदों ने उन्हें खरी-खरी सुना डाली। वरिष्ठ पार्षद रविंद्र गुप्ता ने कहा कि एसई साहब जन स्वास्थ्य विभाग का हाल इतना बुरा है कि एक जेई ही पूरी व्यवस्था संभाल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा दुर्भाग्य है कि जिला बनने के बाद जन स्वास्थ्य विभाग गांव की जैसी भी सीवर और पेयजल सुविधाएं मुहैया नहीं करवा रहा है। पार्षद विरेंद्र पप्पू ने कहा कि एसई साहब जो पार्षद धरने पर बैठे हैं, उनके वार्डों में अब तक टीम नहीं गई है। जबकि चेयरमैन समर्थित पार्षदों के वार्डों में प्रतिदिन ब्लॉकेज खोले जा रहे हैं। किसी के इशारों पर सरकार मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। पार्षद विनोद वाल्मीकि ने कहा कि एक पार्षद जन स्वास्थ्य विभाग को हाईजैक किए हुए है और वो ही जेई को बताता है कि जेटिंग मशीन किस वार्ड में भेजनी है। पार्षद रविंर्द गुप्ता ने एसई को कहा कि तीन साल बाद भी आप सीवर समस्याओं का समाधान नहीं करवा पाए हैं, जबकि इससे पूरा शहर त्रस्त है। करीब शाम 6.20 बजे एसई पार्षदों के पास से उठकर चले गए।
ये दिया एसई ने आश्वासन
एसई राजेंद्र जांगड़ो मौके पर मौजूद जेई मनोज रोहिल्ला को आदेश दिए कि 12 वार्डों की सीवर ब्लॉकेज खोलने के लिए सीवरमैन की संख्या 13 से बढ़ाकर 36 की जाए। धरने पर बैठे प्रत्येक पार्षद के वार्ड में शुक्रवार सुबह तीन-तीन कर्मचारियों की टीमें भेजी जाएं। ये टीमें एकसाथ 12 वार्डों की ब्लॉकेज खोलेंगी। इसके अलावा जहां नई सीवर लाइन डाली जा चुकी हैं, उनके तुरंत कनेक्शन करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि सीवर मैन को प्रतिदिन की बजाय हर सप्ताह तनख्वाह दी जाएगी। ये तनख्वाह वो खुद जारी करेंगे।
सीवर के टूटे ढक्कन नहीं बदलवा रहे अधिकारी
पार्षदों ने एसई को कहा कि शहर में सीवर मैनहोल के ढक्कन कई जगहों पर टूटे पड़े हैं। हर वार्ड में छह से सात मैनहोल ढक्कन बदलने की दरकार है। टूटे ढक्कन हादसों का कारण बन सकते हैं और लोग इन्हें बदलवाने की मांग कई बार कर चुके हैं। अधिकारी ढक्कनों को बदलवाने का आश्वासन तो दे देते हैं, लेकिन इसे पूरा नहीं करते। एसई ने कहा कि जल्द ही इस समस्या का समाधान भी कर दिया जाएगा।
नई सीवर लाइनों के नहीं करवाए गए कनेक्शन
पार्षदों ने एसई को बताया कि कुछ समय पहले ही विभाग ने वार्डों में नई सीवर लाइनें डलवाई हैं। इन लाइनों के अब तक कनेक्शन नहीं करवाए गए हैं। इसके चलते सीवर व्यवस्था में कोई सुधार नहीं पा रहा। पार्षदों ने कहा कि लाखों रुपये खर्च कर वार्डों में पाइप डाले गए थे, लेकिन अधिकारियों के रुचि न लेने से लोगों को अब तक कोई फायदा नहीं हुआ है।
समाधान नहीं हुआ तो आज से भूख हड़ताल करेंगे पार्षद
धरने पर मौजूद वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण, पार्षद विरेंद्र पप्पू, कुलदीप गांधी, आनंद महराणा, रविंद्र गुप्ता, बख्शी सैनी, विनोद वाल्मीकि, पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी, प्रवीन सैनी, सतबीर चौहान, एडवोकेट विक्रम श्योराण, दीपक चौहान आदि ने कहा कि अगर शुक्रवार सुबह तक जमीनी स्तर पर विभाग ने काम शुरू नहीं किया तो पार्षद शुक्रवार से ही भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।
जन स्वास्थ्य विभाग के एसई राजेंद्र जांगड़ा ने कहा कि जल्द ही शहर की सीवर संबंधी समस्याओं का समाधान करवा दिया जाएगा। इस संबंध में मैंने जेई को निर्देश दे दिए हैं। जेई मनोज रोहिल्ला ने बताया है कि शहर में सीवर ब्लॉकेज खोली जा रही है। वीरवार को भी 13 जगहों पर ब्लॉकेज खोली गई हैं।