ट्रेन आगमन के कारण चरखी दादरी में बंद किए गए रोहतक फाटक पर खड़े वाहन चालक।
चरखी दादरी। रोहतक रोड फाटक पर स्वीकृत रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाने का काम चुनाव आचार संहिता (एमसीसी) हटने के बाद ही शुरू हो सकेगा। करीब डेढ़ दशक पुरानी यह मांग पूरी कराने के लिए लोनिवि चुनाव के बाद एमसीसी हटते ही निविदा आमंत्रित करेगा। विभागीय अधिकारियों का प्रयास है कि शहर की इस बड़ी परियोजना पर जल्द काम शुरू करवाया जाएगा। इस फाटक पर आरओबी बनने से वाहन चालकों को बार-बार फाटक बंद होने से लगने वाले जाम से निजात मिलेगी।
रोहतक रोड पर करीब 77.82 कराेड़ रुपये की लागत से आरओबी बनेगा। इससे रोजाना करीब दस हजार वाहन चालकों को फाटक बंद रहने से लगने वाले जाम से छुटकारा मिलेगा। इससे पहले सरकार ने विभाग से तीन बार इस परियोजना का प्रस्ताव और आगणन मांगा है। तीसरे आगणन में इसकी लागत 25 करोड़ से बढ़कर 77.82 करोड़ रुपये पहुंच गई। लोगों को इस परियोजना पर काम शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है। लोनिवि के अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर औपचारिकताएं पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। एमसीसी हटते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
रोजाना होता है 40 ट्रेनों का आवागमन
रेलवे लाइनों का दोहरीकरण होने के बाद से दादरी स्टेशन से गुजरने वालीं ट्रेनों की संख्या बढ़ी है। आजकल दादरी स्टेशन से रोजाना 40 ट्रेनें गुजरती हैं। इस कारण दिन में 40 बार फाटक बंद होता है। एक बार फाटक बंद होने पर 10 से 15 मिनट का समय लग जाता है। इस कारण रोजाना करीब करीब सात घंटे तक फाटक बंद रहता है। यह फोरलेन आरओबी करीब 900 मीटर लंबा बनना है। आरओबी के बीच डिवाइडर और दोनों तरफ फुटपाथ बनाए जाएंगे। रेलवे लाइन के ऊपर के हिस्से का निर्माण रेलवे करेगा जबकि बाकी का काम लोनिवि से करवाया जाएगा।
जाम से मिलेगी मुक्ति, हादसे की आशंका होगी कम
रोहतक रोड का रेलवे फाटक अधिकतर समय बंद रहने के कारण यहां से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालक जल्दी जाने के प्रयास में कई बार नियमों की अनदेखी कर जाते हैं। वह जान जोखिम में डालकर रेलवे फाटक के नीचे से निकलने का प्रयास करते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका बनी रहती है। आरओबी बनने से हादसे का खतरा कम हो जाएगा।
रोहतक रोड पर आरओबी बनाने के लिए अधिकतर औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। एमसीसी हटते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। - अश्वनी कुमार, एसडीओ, लोनिवि, चरखी दादरी।