रोहतक फाटक पर बनने वाले आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) की फाइल पिछले दो माह से डीसी ऑफिस अटकी हुई है। फाइल पर डीसी के हस्ताक्षर न होने के कारण पीडब्ल्यूडी रेलवे को एनओसी नहीं भेज पा रहा। पीडब्ल्यूडी अधिकारी डीसी ऑफिस में सात रिमाइंडर भेज चुके हैं।
रोहतक फाटक पर आरओबी की मांग एक दशक पुरानी है। कांग्रेस शासनकाल में इसकी योजना तैयार की गई थी, लेकिन बाद में इसे रोक दिया गया। अब प्रदेश सरकार आरओबी को स्वीकृत्त कर चुकी है। पीडब्ल्यूडी सूत्रों के अनुसार इस प्रपोजल पर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है और पिछले दो माह से फाइल डीसी ऑफिस में अटकी पड़ी है। डीसी के हस्ताक्षर होने के बाद ही फाइल रेलवे को भेजी जा सकेगी। रेलवे के अनुसार आरओबी बनाने के लिए टीवीयू एक लाख से ऊपर होनी चाहिए। रोहतक फाटक की टीवीयू तीन लाख है जो आरओबी निर्माण के मानकों को पूरा करती है।
दिन में 20 से अधिक बार बंद होता है फाटक
रोहतक रेलवे फाटक करीब हर एक घंटे बाद बंद होती है। सामान्य दिनों में यहां से प्रतिदिन करीब 20 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। एक बार में पंद्रह से 20 मिनट तक फाटक बंद रहता है। एक दिन में करीब आठ से दस हजार लोगों को परेशानियां होती हैं। अभी फिलहाल कोरोना के चलते अभी सिर्फ मालगाड़ियों का ही संचालन हो रहा है।
एसडीएम ने एक दिन में दी थी अपनी रिपोर्ट
अगस्त महीने में पीडब्लूडी एक्सईएन चंडीगढ़ जाकर इसकी स्वीकृत्ति लेकर आए थे। एक्सईएन ने एनओसी जारी करने के लिए तत्कालीन डीसी को स्वीकृत्ति पत्र भेजा था, लेकिन एनओसी नहीं दी। इसके बाद एसडीएम ने एक दिन के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट डीसी को सौंपी थी। इसके बाद से ही प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।
1200 मीटर लंबा बनना है आरओबी
रोहतक फाटक पर प्रस्तावित आरओबी की लंबाई करीब 1200 मीटर होगी। ढाणी फाटक आरओबी से रोहतक फाटक आरओबी की ऊंचाई ज्यादा होगी। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार जरूरत पड़ने पर फाटक से लेकर रावलधी बाईपास तक सड़क को फोरलेन भी किया जा सकता है।
जल्द ही डीसी ऑफिस से एनओसी की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है और इसके तुरंत बाद हम रेलवे को एनओसी भेज देंगे। एनओसी भेजने के बाद रेलवे और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम साइट का निरीक्षण करेगी।
सुरेंद्र दलाल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
मैंने अभी कार्यभार संभाला है और काफी डाक लंबित हैं। आरओबी की फाइल बुधवार शाम ही मैंने निकलवा दी है। जल्द से जल्द आरओबी निर्माण की प्रक्रिया को सिरे चढ़ाया जाएगा।
राजेश जोगपाल, डीसी, चरखी दादरी