फोटो: 24
रोहतक रोड आरओबी निर्माण कार्य के चलते लगी वाहनों की लंबी कतार। संवाद
फोटो: 25
पिलर लगाने के लिए खोदे गए गड्ढे के पास से गुजरते वाहन और यहां चेतावनी बोर्ड नहीं है। संवाद
फोटो: 26
रोहतक रोड पर कार्य करती जेसीबी। संवाद
फोटो: 27
आरओबी निर्माण साइट, जहां कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया। संवाद
- आरओबी निर्माण साइट पर हादसे रोकने के लिए सभी सुरक्षा मानकों का नहीं रखा जा रहा ख्याल, कुछ दूरी पर ट्रैफिक रोके बिना ही किया जा रहा जेसीबी से काम
- निर्माणाधीन साइट पर पुख्ता प्रबंध न होने से लगता है जाम, जल्दबाजी के चक्कर में वाहन चालक हो सकते हैं हादसों का शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर के रोहतक रोड रेलवे फाटक पर आरओबी निर्माण के दौरान एजेंसी की ओर से सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किया जा रहा है। यहां निर्माण कार्य संबंधी पर्याप्त संकेतक हैं न चेतावनी बोर्ड। वहीं, सड़क का खोदाई कार्य भी बिना ट्रैफिक रोके किए जा रहा है। जल्दबाजी के चक्कर में दुपहिया वाहन चालक जेसीबी के पास से बेरोक-टोक गुजर रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज करने से कोई हादसा हो सकता है जबकि अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शहर के रोहतक रोड पर 78 करोड़ की लागत से आरओबी बनना है। लोक निर्माण विभाग को 40 करोड़ का काम करना है जबकि बाकी काम अन्य विभागों की ओर से कराए जाने हैं। हाल ही में लोक निर्माण विभाग की ओर से हायर की गई एजेंसी ने आरओबी निर्माण कार्य शुरू किया है। एजेंसी की ओर से निर्माण साइट पर सुरक्षा मानकों का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। इससे वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है।
वहीं, लोगों ने जिला प्रशासन से निर्माण साइट पर चेतावनी और अन्य संकेतक बोर्ड लगवाने की मांग की है। ताकि, वाहन चालकों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। साथ ही हादसों के अंदेशा को भी खत्म किया जा सके।
राजेंद्र, रमेश, सुनील और मोहन आदि ने बताया कि एजेंसी के कर्मचारी पिलर का काम रोड के बीच जेसीबी से कर रहे हैं। उस दौरान कुछ दूर पहले वाहनों को रुकवाने की जहमत तक नहीं उठाई जा रही। बिना रोक-टोक वाहन चालक जेसीबी के पास पहुंच जाते हैं, जो हादसे का कारण भी बन सकता है। वहीं, रात को भी अधूरे सुरक्षा मानकों के चलते हादसे हो सकते हैं। ऐसे में अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- प्रतिदिन 30 हजार लोगों का होता है आवागमन
यह मार्ग जिले के 20 से अधिक गांवों का दादरी मुख्यालय से जुड़ाव करता है। इसके अलावा, ज्यादातर रोडवेज व प्राइवेट बसें भी इसी मार्ग से गुजरती हैं। एक दिन में इस मार्ग से 30 हजार से ज्यादा लोग गुजरते हैं। अधूरे सुरक्षा मानकों के चलते उन्हें परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
- ये नहीं इंतजाम
नियमों की अगर बात करें तो एजेंसी को निर्माण साइट पर यातायात संकेतक सामग्री, फुटपाथ चिह्न, शुष्क और गीली मिट्टी दोनों स्थितियों में बेहतर रेट्रोरिफ्लेक्टिविटी लगाना जरूरी होता है। दूसरी तरफ एजेंसी आरओबी निर्माण कार्य में ज्यादातर मानक नजरअंदाज कर रही है।
- 940 मीटर लंबा बनना है आरओबी
रोहतक रोड रेलवे फाटक पर बनने वाले आरओबी की लंबाई 940 मीटर रहेगी। 880 मीटर लंबाई का निर्माण लोक निर्माण विभाग करवाएगा जबकि बीच में 60 मीटर का भाग रेलवे की देखरेख में बनेगा। आरओबी फोरलेन होगा, जिसके बीच में डिवाइडर बनेगा। दोनों तरफ सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर और फुटपाथ की चौड़ाई डेढ़ मीटर रहेगी।
वर्सन:
हमने आरओबी निर्माण के दौरान सड़क से गुजरने वाले वाहनों को रोकने के लिए जिला उपायुक्त, एसपी व परिवहन विभाग को पत्र लिख दिया है। जल्दी ही वाहनों को बंद करने की अनुमति मिल जाएगी। इसके बाद आरओबी का कार्य भी गति पकड़ेगा। सभी सुरक्षा मानक भी यहां पुख्ता कराए जाएंगे।
-गुरचरण सिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग