चरखी दादरी। दक्षिण हरियाणा में लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने जिले के नागरिकों से आह्वान किया है कि गर्मी और लू से खुद को सुरक्षित रखने के लिए विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि बढ़ता पारा स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहर के समय बेवजह घरों से बाहर न निकलें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें ताकि हीट वेव के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।
हीटस्ट्रॉक जैसी समस्या बढ़ी
सिविल सर्जन डाॅ. नरेश कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि इन दिनों सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है जिसका मुख्य कारण अत्यधिक गर्मी है। लू के कारण शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
बच्चों, बुजुर्गों को विशेष सावधानियां रखने की जरूरत
विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार व्यक्तियों के प्रति अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि ये समूह गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। डॉ. कुमार ने सुझाव दिया है कि प्यास न होने पर भी बार-बार पानी पीते रहें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर का तापमान सामान्य बना रहे।
12 से 4 के बीच घर में रहें
दिन के सबसे गर्म समय यानी दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से परहेज करें। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो तो सिर को छाते, टोपी या गमछे से ढककर निकलें और साथ में पानी की बोतल जरूर रखें। खान-पान में बासी भोजन और तली-भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए जबकि छाछ, नींबू पानी और ओआरएस के घोल का सेवन अमृत समान है।
ये लक्षण दिखें तो करें उपचार
तेज बुखार और लगातार सिरदर्द होना। चक्कर आना, उल्टी या जी मिचलाना। त्वचा का पूरी तरह सूख जाना, लाल होना या शरीर का बहुत गर्म होना। बहुत अधिक पसीना आना या पसीना बिल्कुल बंद हो जाना। सांसों की गति या धड़कन का अचानक तेज होना। यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखें तो उन्हें तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं। शरीर को ठंडे पानी की पट्टियों से पोंछे और यदि व्यक्ति होश में हो तो उसे ओआरएस का घोल या पानी पिलाएं। हालत में सुधार न होने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से संपर्क करें।