संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। गांव रानीला निवासी ऋषभ साहू अपने पिता के नक्शे कदम पर है। 19 वर्षीय डिस्कस थ्रो खिलाड़ी अब तक 18 पदक जीत चुका है। उसके पिता एवं रानीला के पूर्व सरपंच ऋषि साहू भी डिस्कस थ्रो में राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुके हैं। उनका कहना है कि पदक जीतकर गांव, जिले व प्रदेश का नाम रोशन करने पर बेटे पर फक्र है।
ऋषभ को डिस्कस थ्रो खेलने की प्रेरणा पिता से मिली। उसके पिता वर्ष 2014 की योजना में गांव के सरपंच भी रह चुके हैं। ऋषभ की मां वीनू देवी लेक्चरर हैं। ऋषभ को बचपन से ही खेल का शौक है। उसने स्कूली समय में कई खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया। अब पिछले छह सालों से ऋषभ डिस्कस थ्रो में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नाम चमका रहा है।
ऋषभ ने बताया कि पहले वह चरखी दादरी स्थित बलिदान खेल स्टेडियम में कोच बिजेंद्र सिंह के पास तैयारी करता था। इस दौरान उन्होंने राज्य स्तर पर पदक जीते। ऋषभ ने बताया कि वह दिन में करीब सात से आठ घंटे खेल अभ्यास करता है। वह रोहतक में स्नातक की पढ़ाई कर रहा है।
हुनर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना है लक्ष्य
ऋषभ ने बताया कि अब अगस्त में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक पाने के लिए वह लगातार मेहनत कर रहा है। अपने हुनर को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाना ही उसका लक्ष्य है। ऋषभ राष्ट्रीय स्तर पर 6 और राज्यस्तर पर 12 पदक जीत चुका है।
ये हैं ऋषभ की उपलब्धियां
- 2020 में मेरठ में आयोजित जूनियर नेशनल स्पर्धा में कांस्य पदक।
- मार्च 2022 में ओडिशा में आयोजित स्कूली नेशनल गेम्स में रजत पदक।
- नवंबर 2022 में गुवाहटी में आयोजित जूनियर नेशनल स्पर्धा में कांस्य पदक।
- सितंबर 2022 में करनाल में आयोजित जूनियर नेशनल स्पर्धा में स्वर्ण पदक।
- फरवरी 2023 में भोपाल में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स में स्वर्ण पदक।
- अप्रैल 2023 में तमिलनाडु में आयोजित जूनियर नेशनल स्पर्धा में कांस्य पदक।