रिटायर्ड कर्मचारी उपायुक्त कार्यालय के सामने धरना देते हुए। स्रोत : विज्ञप्ति
- शहर में रोष जुलूस निकालने के बाद लघु सचिवालय पहुंचे प्रदर्शनकारी, पीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। रिटायर्ड कर्मचारियों ने अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना दिया। जिला प्रधान राजकुमार घिकाड़ा ने धरने की अध्यक्षता की।
पूर्व कर्मचारियों ने वित्त विधेयक 2025 के भाग-चतुर्थ में पेश किए गए प्रतिभागी प्रावधानों के विरोध में जुलूस निकाला और उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिला प्रधान राजकुमार घिकाड़ा ने वित्त विधेयक 2025 के भाग चतुर्थ को निरस्त करने व पेंशन भोगियों के अधिकारों के संरक्षण की मांग की।
पूर्व जिला प्रधान प्रताप सांगवान ने आठवें वेतन आयोग के लाभों से पेंशनर्स को वंचित करने की केंद्र सरकार की मंशा की घोर निंदा की। रणधीर सिंह कुंगड़ ने कहा कि आगामी आठवां वेतन आयोग विभिन्न न्यायाधिकरणों और न्यायालयों द्वारा दिए आदेशों को कमजोर करता है। प्रोफेसर राजेंद्र डोहकी ने मेडिकल भत्ता बढ़ाने व विभिन्न सरकारी एवं पैनल के अस्पतालों में कैशलेस इलाज की मांग की।
मास्टर नंदलाल ने रिटायर्ड कर्मचारियों को एलटीसी का लाभ जारी करने की बात कही। सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान यशपाल सांगवान ने कर्मचारियों के कोरोना काल में रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते की बकाया राशि तत्काल जारी करने की आवाज उठाई। सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक प्रभुराम गोदारा ने नई शिक्षा नीति के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
सीटू की जिला प्रधान कमलेश भैरवी ने धरने का समर्थन किया। उन्होंने सरकार से रिटायर्ड कर्मचारियों की विधवाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन की लिमिट पांच लाख करने की मांग की। इस दौरान किसान नेता राजू मान, नरेंद्र फोगाट, अत्तर सिंह चाहार, सुरेंद्र मोठसरा, सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक अजीत जाखड़, रणबीर मान, सत्यनारायण रोहिल्ला आदि मौजूद रहे।