चरखी दादरी। इस वर्ष बारिश कम होने और स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए गए जागरूकता अभियान के चलते जिले में डेंगू के मामलों में कमी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बुखार से पीड़ित संदिग्ध मरीजों की जांच के साथ-साथ घर-घर जाकर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की भी जांच की। अब तक जिले में बुखार के 1950 संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 24 मरीज डेंगू से संक्रमित पाए गए हैं।
जिले को डेंगू मुक्त बनाने के प्रयास में जुटे स्वास्थ्य विभाग टीमें लगातार घर-घर पहुंच बचाव व उपचार के प्रति जागरूक कर रही है। विभाग के अधिकारियों अनुसार, डेंगू संक्रमित पाए गए 24 मरीजों में 13 पुरुष और 11 महिलाएं शामिल हैं। आयु वर्ग के अनुसार इनमें एक से 19 वर्ष तक की आयु के तीन मरीज हैं।
19 से 50 वर्ष की आयु वर्ग में सबसे अधिक 20 मरीज मिले हैं। इसके अलावा 50 वर्ष से अधिक आयु का एक मरीज डेंगू संक्रमित पाया गया है। विभाग की ओर से संक्रमित मरीजों की निगरानी के साथ उनके आसपास के क्षेत्रों में भी विशेष रूप से सर्वे कराया जा रहा है ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। इसके अलावा विभाग की टीमें संदिग्ध मरीजों की जांच कर उचित उपचार व बचाव व सावधानी बरतने की सलाह दे रही है। ताकि जिले में कम से कम लोगों को डेंगू के प्रकोप से बचाया जा सके।
13.54 लाख घरों में पहुंचीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें
डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जिलेभर में व्यापक अभियान चलाया। टीमों ने अब तक 13,54,709 घरों की जांच की है। इस दौरान करीब 3500 घरों में मच्छरों का लार्वा पाया गया। लार्वा मिलने वाले घरों में लोगों को साफ-सफाई रखने, घरों के आसपास पानी जमा न होने देने और पानी की टंकियों व बर्तनों को ढककर रखने के लिए जागरूक किया गया।
विभाग की टीमों ने लापरवाही बरतने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की है। लार्वा मिलने के बाद 317 घरों को नोटिस जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू की रोकथाम के लिए लोगों की सहभागिता बेहद जरूरी है। घरों के आसपास जमा साफ पानी में डेंगू फैलाने वाले मच्छर पनप सकते हैं, इसलिए पानी जमा होने वाले स्थानों की नियमित सफाई जरूरी है।
बुखार होने पर जांच कराने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या अन्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें और आवश्यक जांच करवाएं। विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में सर्वे कर रही हैं तथा संभावित लार्वा वाले स्थानों को चिह्नित कर उन्हें नष्ट करने का कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, डेंगू की रोकथाम में जागरूकता, घरों की नियमित सफाई और पानी जमा न होने देना सबसे महत्वपूर्ण है।
वर्जन:
हमारी टीमें लगातार गांव व शहर के घर-घर पहुंच कर लार्वा की जांच कर रही है। इसके अलावा जिले भर में 41,206 स्लाइड तैयार बनाई गई जिसमें 4 मलेरिया के मरीज पाए गए है। टीमें लगातार संदिग्ध मरीजों के रक्त की जांच करवा रहे हैं।डॉ. कमल कुमार, जिला नोडल अधिकारी डेंगू और मलेरिया