चरखी दादरी। मानसून सीजन में इस बार बारिश कम हुई है और यही कारण है कि डेंगू और मलेरिया के डंक से जिला अभी तक लगभग सुरक्षित है। स्वास्थ्य विभाग लगातार सैंपल ले रहा है, लेकिन अब तक एक ही मलेरिया केस पॉजिटिव मिला है। विभाग की ओर से 30800 लोगों के मलेरिया और 80 लोगों के डेंगू जांच के लिए सैंपल अब तक लिए जा चुके हैं और इनमें से एक ही रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है।
पिछले साल की अगर बात करें तो मलेरिया से अधिक डेंगू ने बरपाया था। 2021 में जिले में मलेरिया के छह और डेंगू के 639 केस मिले थे। वहीं, गत वर्ष स्वास्थ्य विभाग ने करीब 57 हजार सैंपल लिए थे। इस बार की अगर बात करें तो स्वास्थ्य विभाग करीब 31 हजार सैंपल ले चुका है और इनमें से एक ही रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि जो एक व्यक्ति मलेरिया पॉजिटिव हुआ था, वो अब पूर्णतया स्वस्थ है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में सैंपलिंग बढ़ाने के लिए 20 रीडिंग चैकर बढ़ाए गए हैं। ये अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर स्थिति पर नजर रखने के साथ एंटी लारवा एक्टिविटी भी करेंगे। उन्होंने बताया कि सोमवार से ही इन्होंने अपना काम शुरू कर दिया है जबकि इससे पहले करीब 200 कर्मचारी इस काम में लगे हुए थे। उन्होंने बताया कि कम बारिश होना ही मलेरिया व डेंगू के केस न मिलने का कारण है।
शहर में 10 तो गांवों में उतारीं 90 टीमें
मानसून सीजन में जलजनित बीमारियां फैलने के अंदेशे पर स्वास्थ्य विभाग ने 100 टीमें बनाई हैं। इनमें से दस टीमें शहर में जबकि 90 टीमें गांवों में उतारी गई हैं। एक टीम में एक आशा वर्कर और एक एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारी शामिल है। ये टीमें सैंपल लेती हैं, जिनकी बाद में लैब में जांच की जाती है।
शहर में 275 लोगों को दिए नोटिस
स्वास्थ्य विभाग की एंटी लारवा एक्टिविटी लगातार जारी हैं। इसके तहत टीमें घर-घर जाकर पानी के बर्तनों की जांच कर रही हैं। टीमें लारवा मिलने पर बर्तनों को तुरंत खाली करवाती हैं। वहीं, इसके बाद भी ध्यान न देने वालों को नोटिस दिए जा रहे हैं। अब तक की अगर बात करें तो शहर में 275 लोगों को लारवा मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं।
गंदा नहीं साफ पानी बनता है डेंगू-मलेरिया का कारण
डिप्टी सीएमओ एवं मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज का कहना है कि इस बार बारिश कम हुई है और इसके चलते जलभराव की स्थिति नहीं बनी है। उन्होंने कहा कि कुछ वार्डों में पानी जरूर भरा है, लेकिन वो सीवर लाइनों का है। उनका कहना है कि डेंगू और मलेरिया का लारवा बारिश के साफ पानी पर पनपता है। हालांकि दूषित पानी भरा रहना भी स्वास्थ्य के लिहाज से सही नहीं है।
वर्जन
अब तक मलेरिया जांच के लिए 30800 और डेंगू जांच के लिए 80 सैंपल हम ले चुके हैं। इनमें से मलेरिया के एक सैंपल की रिपोर्ट ही पॉजिटिव आई है। सैंपलिंग लगातार जारी है और हमने रीडिंग चैकर भी बढ़ा दिए हैं।
- डॉ. गौरव भारद्वाज, डिप्टी सीएमओ एवं मलेरिया नोडल अधिकारी।