चरखी दादरी। जिले में दो दिनों के दौरान हल्की बारिश से खरीफ फसलों को खासा लाभ मिला है। बारिश के बाद खेतों में नमी बढ़ने से किसानों ने राहत की सांस ली है। किसानों के अनुसार यह वर्षा खरीफ सीजन की फसलों के लिए काफी लाभदायक साबित होगी और इससे फसलों की बढ़वार में तेजी आएगी। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इन दिनों बाजरा, ज्वार, ग्वार, मूंग व विभिन्न प्रकार की सब्जियों की फसलें खेतों में खड़ी हैं। पिछले कुछ दिनों से तेज धूप और उमस के कारण फसलों को पर्याप्त नमी नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में सोमवार को हुई करीब 12 मिलीमीटर वर्षा ने मिट्टी में नमी का स्तर बढ़ा दिया है जिससे फसलों को फायदा पहुंचा है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार समय-समय पर हल्की से मध्यम बारिश होती रही तो खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है।
फसलों में तेजी से होगी बढ़वार
बारिश के कारण बाजरा और ज्वार की फसलों में तेजी से बढ़वार होने की उम्मीद है। वहीं ग्वार और मूंग की फसलों को भी पर्याप्त नमी मिलने से पौधों का विकास बेहतर होगा। सब्जी उत्पादकों के लिए भी यह वर्षा लाभकारी मानी जा रही है, क्योंकि इससे सिंचाई पर होने वाला खर्च कम होगा और गुणवत्ता में सुधार आएगा।
जलभराव का रखें ख्याल
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान समय में हुई वर्षा फसलों के लिए अनुकूल है। किसानों को खेतों में जलभराव नहीं होने देना चाहिए। आवश्यकता के अनुसार खरपतवार नियंत्रण और अन्य कृषि कार्य समय पर करते रहना चाहिए। यदि लगातार अधिक वर्षा होती है तो खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करना भी जरूरी है।
डीजल-बिजली की होगी बचत
किसान नेता हरपाल सिंह भांडवा ने कहा कि बारिश होने से सिंचाई के लिए ट्यूबवेल चलाने की आवश्यकता कम पड़ेगी जिससे डीजल और बिजली की बचत होगी। साथ ही फसलों में नई जान आने से अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही तो जिले में खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहेगा और किसानों को आर्थिक रूप से भी लाभ मिलेगा।
वर्सन:
कुछ दिन के अंतराल में बारिश होना खरीफ की फसलों के अनुकूल होता है। खरीफ की फसलों को समय-समय पर बारिश की झड़ी की जरूरत होती है।इससे फसलों का विकास तेजी होता है। - कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग