अमर उजाला पड़ताल
10 बजे बाद आए तो नहीं खुलेगा बसेरा का गेट, स्टेशन पर ही काटनी पड़ेगी सर्द रैन...
संवाददाता ने जायजा लिया तो खुली कर्मचारी की मनमानी की पोल
रैन बसेरे में तैनात कर्मचारी बोला: 10 बजे के बाद गेट न खोलने का मिला है आदेश, ईओ ने नकारा
चरखी दादरी। रातें सर्द होने लगी हैं। इस दौरान न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे तक पहुंच रहा है। इस बीच शहर में शुरू किए गए अस्थायी रैन बसेरे में लोगों को रात 10 बजे के बाद शरण नहीं मिल पा रही है। इसकी बानगी शनिवार रात संवाददाता की ओर से की गई पड़ताल में देखने के लिए मिली।
दादरी शहर में कोई स्थायी रैन बसेरा नहीं है। हर साल रोजगार्डन के एक 10 गुना 10 आकार के कमरे में अस्थायी रैन बसेरा नगर परिषद की ओर से बनाया जाता है। इस बार भी ऐसा ही किया गया है। रैन बसेरे में किए गए प्रबंधों का जायजा लेने के लिए संवाददाता शनिवार रात करीब 10:30 बजे रोजगार्डन पहुंचा तो वहां तैनात कर्मचारी ने शनिवार रात 10:30 बजे गेट नहीं खोला।
दरवाजा खटखटाने पर कर्मचारी बाहर आया, लेकिन प्रवेश के लिए गेट खोलने से इंकार कर दिया। कर्मचारी से जब इसका कारण पूछा तो बताया कि रात 10 बजे बाद गेट नहीं खोलना है। इसका आधार उच्चाधिकारियों का आदेश बताया गया। हालांकि ईओ राजेश वर्मा ने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है। कोई भी नागरिक रात को किसी भी समय रैन बसेरे में शरण ले सकता है। संवाद
- तीन मिनट बाद बाहर आया कर्मचारी
रोजगार्डन में पहुंचकर गेट खटखटाया गया तो तीन मिनट बाद कर्मचारी रैन बसेरे से बाहर निकलकर गेट तक पहुंचा। रात बिताने के लिए गेट खोलने की बात कहने पर कर्मचारी ने इन्कार कर दिया। उसने कहा कि 10 बजे तक प्रवेश का समय है। इसके बाद गेट न खोलने का आदेश है। इसके बाद आए तो रात रेलवे स्टेशन पर काटनी पड़ेगी।
- रेलवे स्टेशन पर मिले 13 लोग
रैन बसेरे का गेट न खोलने पर संवाददाता रात करीब 11 बजे रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। वहां 13 लोग बैठे मिले। उनमें से कुछ ने बताया कि वह रेलगाड़ी के आने का इंतजार कर रहे हैं जबकि कुछ ने कहा कि वह रात काटने के लिए स्टेशन परिसर में आए हैं।
वर्सन:
रैन बसेरे में रात को किसी भी समय आकर शरण ली जा सकती है। कर्मचारी ने अगर मना किया है तो गलत है। - राजेश वर्मा, ईओ, नगर परिषद, चरखी दादरी।
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शनिवार रात 10:30 बजे रोजगार्डन रैन बसेरे के प्रवेश द्वार पर जड़ा ताला। संवाद
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रात 11:05 बजे दादरी रेलवे स्टेशन पर बैठे यात्री और लोग। संवाद
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दरवाजा खटखटाने पर आया रोजगार्डन रैन बसेरे का कर्मचारी। संवाद