चरखी दादरी। सरकार भले ही बेटियों की पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के कसीदे पढ़ती हो, लेकिन चरखी दादरी जिला में स्थिति इसके उलट है। शिक्षा हासिल करने वालीं बेटियां स्कूल परिसर में ही सुरक्षित नहीं हैं। बीते 11 माह के अंदर जिले के तीन स्कूलों में नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले सामने आ चुके हैं। अहम बात ये ही कि छेड़छाड़ के आरोप स्कूल में ही तैनात शिक्षक व लेक्चरर पर लगे हैं।
शर्मनाक बात ये है कि जिन छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की गई हैं वो आरोपी शिक्षकों की बेटी और पोती की उम्र की हैं। हालांकि इन मामलों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए तत्काल आरोपी शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई है जबकि परिजनों ने कानूनी कार्रवाई भी करवाई, लेकिन बावजूद इसके इस तरह की घटनाएं नियमित अंतराल पर सामने आ रही हैं। इन घटनाओं से न केवल शिक्षा विभाग बल्कि संस्थान और समाज को भी शर्मसार होना पड़ रहा है।
जानिये...गत 11 माह के अंदर कब-कब सामने आए नाबालिग छात्रा के शोषण के मामले
केस:1- पहले भेजे छात्रा को गलत मैसेज, फिर दिखाई दबंगई
गत 23 फरवरी को शहर के मॉडल संस्कृति स्कूल में तैनात लेक्चरर पर 15 वर्षीय छात्रा को मोबाइल पर गलत मैसेज भेजने का आरोप लगा था। इस संदर्भ में आरोपी शिक्षक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी। छात्रा का आरोप था कि लेक्चरर बात करने का उस पर दबाव बनाता है और उसे मोबाइल गिफ्ट करने की बात कहता है। छात्रा की मां ने लेक्चरर पर उनका फोन रिचार्ज करने का आरोप भी लगाया था। इस मामले से विभाग की काफी किरकिरी हुई थी।
केस:2- एक माह पहले 50 वर्षीय शिक्षक ने नाबालिग छात्रा से की थी छेड़छाड़
बाढड़ा ब्लॉक के एक गांव स्थित राजकीय मिडिल स्कूल में तैनात करीब 50 वर्षीय शिक्षक ने भी नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ की थी। इस मामले में शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षक को बर्खास्त कर दिया था। वहीं, मामला संज्ञान में आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी भी उक्त स्कूल पहुंचे थे और वहां पर जांच कर अपनी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी थी। बताया जा रहा है कि शिक्षक बाढड़ा खंड के एक गांव का था जबकि उसकी तैनाती अन्य गांव के राजकीय स्कूल में थी।
केस:3- प्रतिनियुक्ति पर तैनाती के तीसरे दिन ही अंग्रेजी शिक्षक ने कर दी हरकत
हाल ही में नाबालिग छात्रा से शारीरिक छेड़छाड़ का एक और मामला सामने आया है। जिस अंग्रेजी शिक्षक पर छेड़छाड़ का आरोप लगा है उसकी तैनाती उक्त स्कूल में तीन दिन पहले ही प्रतिनियुक्ति पर हुई थी। उक्त शिक्षक ने गलत नीयत से छात्रा को छुआ। कार्यवाहक प्राचार्या ने इसकी जानकारी जिला मुख्यालय पर दी। जिसके बाद शिक्षक को रिलीव कर उसके खिलाफ मुख्यालय भी लिखा गया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने काउंसिलिंग रिपोर्ट भी जिला पुलिस को दे दी है।
इस तरह के मामले गलत संदेश देते हैं। इस तरह के मामले में शिक्षा विभाग को तत्काल संज्ञान लेने के निर्देश दिए गए हैं। गत एक माह के अंदर ऐसे दो मामले सामने आए हैं और दोनों में कार्रवाई की गई है। शिक्षकों को अपनी गरिमा नहीं भूलनी चाहिए। -मनदीप कौर, डीसी, चरखी दादरी
बाढड़ा खंड के एक स्कूल में दिसंबर में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आते ही विभाग ने कड़ा संज्ञान लेकर आरोपी शिक्षक को बर्खास्त कर दिया था। इस तरह के मामले में विभाग की ओर से ढिलाई नहीं बरती जाती। -नवीन नारा, डीईईओ, चरखी दादरी
इस तरह के मामले संज्ञान में आते ही तत्काल छात्रा की काउंसिलिंग की जाती है। हाल ही में एक ऐसा मामला हमारे संज्ञान में आया था और इस मामले में तत्काल छात्रा की काउंसिलिंग कर रिपोर्ट एसपी कार्यालय में भेजी गई। -गीता सहारण, सीडीपीओ, चरखी दादरी