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11 दिन से कपास खरीद बंद, किसानों ने की नारेबाजी

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कपास की खरीद न होने पर नई अनाज मंडी में सीसीआई के खिलाफ रोष जताते किसान। - फोटो : CharkhiDadri
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जिले में पिछले ग्यारह दिन से कपास खरीद बंद है। अभी 60 फीसदी किसान कपास बेचने से वंचित है लेकिन खरीद एजेंसी की ढिलाई के चलते किसानों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। सोमवार को कपास खरीद बंद होने से खफा किसानों ने नारेबाजी कर रोष जताया। सीसीआई ने तीन मिलों को ब्लैक लिस्ट तो कर दिया लेकिन अब तक जगह की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पाई है। यही कारण है कि कपास खरीद लंबे समय से बंद है।
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जिले में ग्यारह दिन से कपास की खरीद बंद होने से किसानों ने सीसीआई के खिलाफ रोष जताया। जिले में अब तक 3919 किसानों से ही कपास खरीद की गई है जबकि करीब छह हजार किसान कपास बेचने से वंचित हैं। पिछले कई दिनों से किसान खरीद के इंतजार में है।
खरीद बंद होने के कारणों की जब अमर उजाला ने पड़ताल की तो खरीद एजेंसी के पास भंडारण के लिए जगह न होने की बात सामने आई। इस संबंध में खरीद एजेंसी के परचेज मैनेजर ने बताया कि किसानों से खरीदी गई कपास स्टॉक करने के लिए पांच मिलों को हायर किया गया था। किन्हीं कारणों से तीन मिलों को ब्लैक लिस्ट किया और अब तक खरीदी गई कपास इन दोनों मिलों में ही रखी है जिसके चलते जगह का अभाव है। जगह की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए प्रयासरत हैं और जल्द ही कपास खरीद शुरू कर दी जाएगी।
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मंडी पहुंचे किसानों को लौटना पड़ा वापिस
कपास की खरीद बंद होने से किसान चिंतित हैं। सोमवार सुबह कपास बेचने मंडी पहुंचे किसान घंटों तक इंतजार करने के बाद मायूस होकर बैरंग ही घर लौट गए। किसानों का कहना है कि फसल बेचने के लिए गांव से अब दोबारा मंडी आना पड़ेगा। इससे उन्हें आर्थिक और शारीरिक दिक्कतें उठानी पड़ेंगी। किसानों ने आरोप लगाया कि खरीद एजेंसी और मंडी प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर नहीं है।
मनमर्जी से खरीद बंद कर देते हैं अधिकारी
किसान नरेश, देवेंद्र, सतीश, दीपचंद, राजकुमार, राहुल, नरेंद्र, महेश और राजेश आदि ने बताया कि खरीद एजेंसी के अधिकारी किसानों को नाजायज परेशान कर रहे हैं। 11 दिन से कपास खरीद बंद है जबकि फसल न बिकने से त्योहारी सीजन भी किसानों के लिए सूखा ही बीता। किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारी मनमर्जी से खरीद बंद कर देते हैं। एजेंसी की लापरवाही पर जिला प्रशासन को भी संज्ञान लेना चाहिए।
अब 50 किसान ही प्रतिदिन बुलाए जाएंगे मंडी
सीसीआई ने दादरी मंडी में 28 दिन में मात्र 3919 किसानों से ही कपास खरीदी है। आगे की खरीद के लिए करीब चार हजार किसानों के रजिस्ट्रेशन भी किए गए हैं लेकिन अब यह शेड्यूल रद्द कर दिया गया है। जगह के अभाव को देखते हुए जो नया शेड्यूल तैयार किया गया है उसमें 50 किसानों को ही प्रतिदिन मंडी बुलाने की योजना है। 11 दिनों से खरीद बंद होने से करीब एक हजार किसान पेंडिंग चल रहे हैं।
ये मिलें ली थीं किराये पर
सीसीआई ने कपास खरीदी गई कपास के स्टॉक के लिए अमित एंड कपंनी, कुंज कॉटन मिल, लक्ष्मी कॉटन मिल, ओपी कॉटन मिल, और हिम्मत कॉटन मिल किराये पर ली थी। खामियां मिलने पर सीसीआई ने इनमें से तीन मिलों को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। ब्लैक लिस्ट करने के कारणों का अधिकारी खुलासा नहीं कर रहे हैं। परचेज मैनेजर शिवनंदन बाघेल का कहना है कि ब्लैक लिस्ट करने के कारणों की जानकारी वो डीसी को दे चुके हैं।
पांच नवंबर तक के भेजे जा चुके बिल, जल्द होगा भुगतान
परचेज मैनेजर शिवनंदन बाघेल ने बताया कि पांच नवंबर तक खरीदी गई कपास का भुगतान करने के लिए बिल हैड ऑफिस भेज दिए हैं। जल्द ही किसानों के खातों में भुगतान राशि आ जाएगी। जल्द ही खरीद शुरू की जाएगी और नया शेड्यूल की जानकारी किसानों को मेसेज के जरिये दे दी जाएगी।
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