चरखी दादरी। शहर के दिल्ली रोड स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में स्टोरेज टैंक की सफाई होने के बाद इसकी क्षमता साढ़े तीन से बढ़कर पांच एमएलडी हो गई है। गाद निकालने के बाद टैंक की गहराई भी आठ फीट बढ़ी है। इससे आने वाले मानसून सीजन में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
शहर के बारिश एवं दूषित पानी के लिए दिल्ली रोड स्थित जनस्वास्थ्य विभाग ने एसटीपी बना हुआ है। इस एसटीपी में पानी की स्टोरेज की जाती है। अब तक एसटीपी की स्टोरेज क्षमता नहीं के बराबर रही है। यहां स्टोरेज टैंक की कुछ जमीन एनएच 152-डी सिक्सलेन मार्ग के अधिग्रहण में आ जाने से जगह कम पड़ रही है।
जुलाई माह के प्रथम सप्ताह से मानसून का सीजन शुरू होता है ऐसे में शहर से बारिश के पानी का निकास करना विभाग के लिए चुनौती से कम नहीं होगा। वैसे ही शहर की सीवर व्यवस्था चौपट पड़ी है। बारिश होने पर सीवर ओवरफ्लो हो जाते हैं। सीवर लाइनों में कचरा एवं प्लास्टिक आदि भरा हुआ है जिससे लाइनों में ब्लॉकेज बनी रहती हैं।
- आए दिन ब्लॉक रहती हैं सीवर लाइनें
शहर में करीब 175 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन है जो आए दिन कहीं न कहीं से बंद पड़ी रहती हैं। एक लाइन रुकने पर साथ लगती कई लाइनें प्रभावित हो जाती हैं। सफाई कर्मचारी लाइन को खोलने का प्रयास करते हैं लेकिन प्लास्टिक कचरा जमा होने की वजह से खुल नहीं पाती हैं। जैट मशीन के जरिये भी लाइनों के ब्लॉकेज खोलने में दिक्कत आ रही है। हालांकि विभाग की ओर से प्रतिदिन लाइन खोलने का काम किया जा रहा है लेकिन कार्य नियंत्रण से बाहर बना हुआ है।
- टैंक पूरा न भरे, इस पर रहेगा फोकस
एसटीपी से ड्रेन नंबर आठ छुछकवास नहर तक पाइप लाइन बिछाने का काम भी पूरा हो चुका है। विभाग ने हाल ही में दिल्ली रोड एसटीपी के स्टोरेज टैंक की गाद निकासी करवा दी है। टैंक में करीब आठ फीट गाद का जमाव बना हुआ था। गाद निकासी होने के बाद इसकी स्टोरेज क्षमता अब बढ़कर पांच एमएलडी हो गई है। पहले इसमें मुश्किल से साढ़े तीन एमएलडी पानी ही स्टोर हो पाता था। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि टैंक में पानी को इतना स्टोरेज नहीं होने दिया जाएगा इसे फिल्टर कर सदुपयोग में लाने पर ज्यादा बल दिया जाएगा।
एसटीपी टैंक की आठ फीट गहराई बढ़ गई है। इसकी अब पानी की क्षमता भी बढ़ी है। टैंक की क्षमता पांच एमएलडी है। शहर से नियमित रूप से पानी का उठान किया जा रहा है।
-बीके जावला, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग