शिक्षा बोर्ड की ओर से 20 अप्रैल से होने वाली परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों में इस बार प्रश्नपत्र को लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड वस्तुनिष्ठ प्रश्न ज्यादा संख्या में पूछेगा। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई की वजह से पाठ्यक्रम आम सालों की तरह ठीक प्रकार से पूरा नहीं हो सका। ऐसे में विद्यार्थियों में परीक्षा को लेकर फोबिया जरूर बना हुआ है, लेकिन कक्षाएं लगने और पाठ्यक्रम पूरा होने से विद्यार्थियों में परीक्षा का मनोवैज्ञानिक दबाव कम हुआ है। विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में कक्षाएं कम समय लगने की वजह से उनके कई टॉपिक ठीक प्रकार से क्लीयर नहीं हो सके, लेकिन कुछ राहत मिली है। शिक्षकों का मानना है कि शिक्षा बोर्ड ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए नए प्रश्नपत्र का ब्लू प्रिंट भी जारी किया है, ताकि छात्रों को आसानी हो सके।
शिक्षक बोले: बेवसाइट पर डाले गए हैं प्रश्नपत्र
शिक्षा बोर्ड ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए प्रश्नपत्र भी हल करने के लिए वेबसाइट पर डाल रखे हैं। इस बार परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की संख्या भी बढ़ाई गई है, ताकि विद्यार्थियों को कठिनाई ना हो।
आनंद शर्मा, विज्ञान अध्यापक, राजकीय स्कूल मिर्च
कोरोना काल में विद्यार्थियों को कई प्रकार की शिक्षण संबंधी असुविधाओं का सामना करना पड़ा है, लेकिन पिछले दिनों से शिक्षक छात्रों की परीक्षा की तैयारी करवाने में जुटे हैं। पाठ्यक्रम को कवर कर लिया गया है।
ओमप्रकाश, शिक्षक, राजकीय स्कूल सांजरवास
छात्राएं बोलीं: कक्षाएं लगने पर शिक्षकों ने पूरा करवाया पाठ्यक्रम
शिक्षकों ने पाठ्यक्रम पूरा करवा दिया है। रिविजन वर्क तेज गति से जारी है। कोरोना की वजह से कक्षाएं न लगने का प्रतिकूल प्रभाव सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों पर पड़ा है। फिर भी सिलेबस को कवर कर लिया गया है।
प्रिया, छात्रा, कक्षा बारहवीं
बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रत्येक छात्र पर मनोवैज्ञानिक दबाव होना स्वाभाविक है। पाठ्यक्रम को शिक्षकों की मदद से पूरा कर लिया गया है। इस समय विद्यार्थियों से अधिक शिक्षकों को ज्यादा चिंता है। शिक्षक पूरी तैयारी के साथ मेहनत करवा रहे हैं।
साक्षी, छात्रा, कक्षा दसवीं
अभिभावक बोले: बच्चों पर दबाव जरूर, मेहनत जारी
बोर्ड परीक्षाओं को लेकर छात्रों पर दबाव जरूर है, लेकिन इस समय विद्यार्थी मेहनत में जुटे हैं। कोरोनाकाल में ऑनलाइन कक्षाएं लगी थी, लेकिन अब उस कमी को शिक्षकों ने तकरीबन पूरा कर लिया है।
मुकेश, अभिभावक
बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए शिक्षकों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। पाठ्यक्रम को पूरा कर लिया गया है। पीछेे पढ़ाई का थोड़ा बहुत जो नुकसान हुआ, उसकी अब शिक्षकों ने भरपाई कर दी है। बच्चों का तनाव काफी हद तक कम हो गया है।
मुकेश शर्मा, अभिभावक