फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेल भरो आंदोलन के तहत 492 लोगों ने दीं सामूहिक गिरफ्तारियां, एक घंटे में किया रिहा

विज्ञापन
शहर में रोष प्रदर्शन करते पीटीआई - फोटो : CharkhiDadri
विज्ञापन
नौकरी से हटाए गए पीटीआई ने जेल भरो आंदोलन के तहत शुक्रवार को सामूहिक गिरफ्तारी दी। इस दौरान शहर में रोष प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शन में आशा वर्कर्स, रोडवेज यूनियन नेता, किसान संगठन, विभिन्न गांवों के सरपंच और राजनेता शामिल हुए। इस दौरान 492 लोगों ने अपनी सामूहिक रूप से गिरफ्तारी दी। पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए। गिरफ्तारी के बाद इन लोगों को स्कूल में रखा गया। एक घंटे बाद रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन

शहर के किला मैदान में बर्खास्त पीटीआई का करीब 60 दिनों से धरना जारी है। शुक्रवार को इन नौकरी से हटाए गए पीटीआई ने सामूहिक रूप से गिरफ्तारियां दी। सुबह करीब 11 बजे बर्खास्त पीटीआई शहर के तिकोना पार्क चौक पहुंचे। वहां रोष बैठक आयोजित की। रोष बैठक को संबोधित करते हुए शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति जिला प्रधान सज्जन सिंह ने कहा कि सरकार को बर्खास्त पीटीआई की बहाली पर विचार करना चाहिए। इन 1983 परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट आ गया है। 10 साल की सरकारी सेवा के बाद वे अब सड़क पर आ गए हैं।
सर्वकर्मचारी संघ जिला प्रधान राजकुमार घिकाड़ा ने कहा कि कर्मचारी अब पीछे नहीं हटने वाले हैं। बर्खास्त पीटीआई के समर्थन में सभी सरकारी विभागों के कर्मचारी उतर आए हैं। सरकार को आखिर झुककर इन हटाए गए पीटीआई को वापिस नौकरी में लेना होगा। सरकार को अपनी कर्मचारी विरोधी नीतियों पर रोक लगानी होगी। भाजपा कर्मचारी विरोधी सरकार है। सरकार की नीतियों से आम आदमी भी परेशान है। राज्य प्रधान धमेंद्र ने कहा कि बर्खास्त पीटीआई अब पीछे नहीं हटने वाले हैं। सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

जुलूस के रूप में शहर में रोष मार्च निकाला
तिकोना चौक से चलकर प्रदर्शनकारी दिल्ली रोड होते हुए शहर के लाजपतराय चौक पहुंचे। इस दौरान शहर में नारेबाजी की गई। बाद में सभी लघु सचिवालय पहुंचे। डीसी कार्यालय के सामने परिसर में एकत्र हो गए। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा। डीएसपी जोगेंद्र सिंह व डीएसपी बली सिंह स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए थे। एसडीएम प्रीतमपाल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात किया गया।
लघु सचिवालय से बसों में बिठाए
प्रदर्शनकारियों को लघु सचिवालय परिसर से ही बसों में बिठाया गया। रोडवेज की 11 और पुलिस विभाग तीन बसों में बिठाकर इन लोगों को शहर से करीब चार किलोमीटर दूर भिवानी सड़क मार्ग पर स्थित एससीआर स्कूल में ले गया जहां उनको अस्थायी तौर पर जेल में रखा गया। करीब एक घंटे बाद इनको रिहा कर दिया गया। बसों में सवार होने के बाद भी महिलाएं नारेबाजी करती रही।
क्लास रूम में पुलिस कर्मचारियों ने की निगरानी
गिरफ्तारी के बाद इन लोगों को स्कूल के क्लासरूम में रखा गया। क्लासरूम में बैंचों पर बिठा दिया। इस दौरान क्लास रूम में पुलिस कर्मचारियों ने इनकी निगरानी रखी।
ये संगठन रहे शामिल
गिरफ्तारी देने वालों में किसान संगठन, सर्वकर्मचारी संघ, शिक्षक संघ, आशा वर्कर्स, रोडवेज कर्मचारी नेता, विभिन्न खापों के प्रतिनिधि शामिल रहे। इस दौरान रोडवेज नेता रणबीर गहलोत, लिपिक वर्ग यूनियन राज्य प्रधान शर्मिला हुड्डा, आशा वर्कर यूनियन प्रधान कमलेश, बलवंत फौगाट, शमेशर सिंह, किसान नेता जगबीर घसोला, रामरतन सिंह, शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति जिला प्रधान सज्जन सिंह, राज्य प्रधान धर्मेंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी और गांवों के सरपंच व पंच आदि शामिल रहे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रखा सुरक्षा घेरे में
पुलिस प्रशासन की ओर भी व्यापक प्रबंध किए गए। महिला पुलिस कर्मचारियों की संख्या भी ज्यादा रही। चरखी दादरी के अलावा दूसरे जिलों से भी पुलिस बल को बुलाया गया था। पुलिस कर्मचारियों ने खुद के बचाव के लिए भी व्यापक प्रबंध कर रखे थे।
प्रदर्शनकारी डटे रहे
प्रदर्शन के बाद 492 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के एक घंटे बाद सब लोगों को अस्थायी जेल से रिहा कर दिया गया लेकिन पुलिस की ओर से रिहाई के निर्देशों के बाद भी कई प्रदर्शनकारी वहीं स्कूल में डटे रहे। बाद में करीब दो घंटे बाद सब लोग अस्थायी जेल से चले गए।
सामूहिक रूप से 492 लोगों को गिरफ्तार किया गया। करीब एक घंटे बाद सबको रिहा कर दिया गया। प्रदर्शन के दौरान सब कुछ ठीक-ठाक रहा। पुलिस की सजगता से शांति व्यवस्था बनी रही।
विज्ञापन

- बली सिंह, डीएसपी, चरखी दादरी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें