किसानों के समर्थन में भाकियू 25 दिसंबर को एसडीएम कार्यालय के समक्ष धरना देकर पीएम व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेगी। 27 दिसंबर को सीएम मनोहर लाल के बहल आगमन पर उनका विरोध किया जाएगा। यह निर्णय भाकियू अध्यक्ष धर्मपाल बाढड़ा की अध्यक्षता में किसान भवन में आयोजित बैठक में लिया गया। धर्मपाल ने कहा कि केंद्र सरकार तीन कानूनों को वापस लेने की बजाए एसवाईएल के नाम पर किसान आंदोलन को बांटने में जुटी है जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ऑनलाइन खरीद के नाम पर भोलेभाले किसानों के साथ अन्याय कर पूंजीपति वर्ग और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है ।
विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने किसानों से यह वायदा किया था कि सत्ता में आते ही पहली कलम से किसानों को कर्ज मुक्त कर उनकी आजीविका का माध्यम कृषि की आय को दोगुना किया जाएगा लेकिन केंद्र सरकार ने तीन कानून थोप दिए। इस अवसर पर पूर्व सरपंच गिरधारी मोद, ईश्वर नंबरदार, रणधीर सिंह, प्रेम भारीवास, प्रताप हंसावास, पूर्व चेयरमैन संदीप बाढड़ा, महेंद्र जेवली, मंगलाराम बाढड़ा, सूबेदार सुमेर सिंह, सुखबीर, पृथ्वी सिंह, अशोक, करतार सिंह आदि मौजूद थे।