चरखी दादरी। केंद्र सरकार की योजना के तहत जिले के गांव बिरही कलां स्थित डायट में प्रस्तावित उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) के निर्माण का प्रस्ताव प्रवक्ताओं की कमी के कारण रुक गया है। मुख्यालय ने इस पर आपत्ति लगाते हुए तर्क दिया है कि प्रवक्ताओं के सभी खाली पदों को भरने के बाद इस परियोजना पर विचार किया जाएगा।
इस समय डायट में विभिन्न विषयों के 25 पद स्वीकृत हैं जबकि 10 ही कार्यरत हैं। अब यह प्रस्ताव कम से कम एक साल पीछे चला गया है। यहां डायट में सुविधाएं बढ़ने से शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य हो सकेंगे। चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स भी शुरू होगा, जिसमें 100 सीटें होंगी। बारहवीं कक्षा के बाद विद्यार्थी चार वर्षीय कोर्स करके शिक्षक बन सकेंगे। इस प्रस्ताव पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च हाेने का अनुमान है।
सरकार ने प्रदेश में चार जिलों में ही सीओई बनाने का निर्णय लिया है। इसे स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस लर्निंग इन टीचर एजुकेशन नाम दिया गया है। गांव बिरही कलां स्थित डायट में पहले दो वर्षीय डीएलएड कोर्स होता था जो करीब चार साल पहले सरकार ने बंद कर दिया है। डायट की करीब 12 एकड़ जमीन है। नई शिक्षा नीति (एनईपी) तैयार होने पर अब सरकार यहां सीओई बना रही है।
सीओई बनने से यहां शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य शुरू होंगे। केंद्र में शिक्षा विशेषज्ञ भी तैनात होंगे। इसमें विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को विभागीय प्रशिक्षण भी देंगे। यहां चार वर्षीय शिक्षक कोर्स भी शुरू होगा। बारहवीं कक्षा के बाद छात्र बीए, बीएससी, बीकॉम के साथ बीएड भी कर सकेंगे। एनईपी के तहत यह कोर्स शुरू हो रहा है। शिक्षक बनने के इच्छुक छात्र इस कोर्स में दाखिला ले सकेंगे।
- प्राध्यापक एनईपी को क्रियान्वित करवाने में करेंगे मदद
सीओई में कार्यरत प्राध्यापक एनईपी को क्रियान्वित करवाने में भी सहयोग करेंगे। प्राध्यापक समय-समय पर राजकीय विद्यालयों की निगरानी कर शिक्षण संबंधी गतिविधियों में भी भाग लेेंगे। पाठ्यक्रम संबंधी नवीनतम प्रविधियों की जानकारी भी शिक्षकों को देंगे। योजना के तहत 15 करोड़ रुपये का प्रस्ताव अक्तूबर 2023 में मुख्यालय भेजा गया था। इस प्रस्ताव पर अब आपत्ति लगी है।
सीओई में मिलेंगी ये सुविधाएं
सीओई में कमरों के निर्माण के साथ टीएलएम, लैब, तकनीकी व्यवस्था की जाएगी। प्रदेशभर में पहले चरण में चार जिलों में यह सीओई बनाए गए हैं। इनमें चरखी दादरी के अलावा गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र और हिसार शामिल हैं। बाद में अन्य सभी जिलों में ये सीओई बनाने की योजना है। ये सेंटर उच्चतर शिक्षा विभाग के अधीन होगा। यह परियोजना केंद्र सरकार की है। प्रदेशभर में अभी 21 डायट हैंं। धीरे-धीरे इन सभी डायट को सीओई बनाने की योजना है।
बिरही कलां डायट में सीओई बनाने का प्रस्ताव फिलहाल रोक दिया गया है। मुख्यालय ने पहले डायट में शिक्षण स्टाफ पूरा करने के लिए कहा है तब जाकर इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। यह परियोजना 15 करोड़ रुपये की है। यहां नए कमरे और आधारभूत ढांचा नए सिरे से तैयार किया जाना है। खाली पद भरने के लिए मांग की गई है। अब तो विधानसभा चुनाव के बाद ही यह प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी। - ज्ञानेंद्र सिंह, प्राचार्य, डायट, बिरही कलां, चरखी दादरी।