शहरवासियों के पास छूट के साथ प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने के लिए अब सिर्फ दो सप्ताह का समय बचा है। 31 मार्च के बाद प्रॉपर्टी टैक्स भरने वालों को पूरा ब्याज भी भरना पड़ेगा। उधर, टैक्स जमा न कराने वालों की प्रॉपर्टी भी सील की जा सकती है। नगर परिषद ने मौजूद वित्त वर्ष का प्रॉपर्टी टैक्स का 90 लाख रुपये का टारगेट निर्धारित किया था, जबकि अभी तक नप के खजाने में प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में करीब सवा करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं।
बता दें कि इस वित्त वर्ष में प्रदेश सरकार ने ज्यादा से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने के लिए छूट योजना शुरू की थी। पहले यह योजना 31 अगस्त तक थी। फिर इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दिया गया था। इसके बाद इस तिथि को दोबारा से बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया था।
40 प्रतिशत टैक्स धारकों ने ही जमा करवाया टैक्स
शहर में करीब 22 हजार प्रॉपर्टी हैं, जिनमें से छह हजार कॉमर्शियल है और बाकी रेजिडेंशियल हैं। मौजूदा वित्त वर्ष में इनमें से मात्र 40 प्रतिशत ने टैक्स जमा करवाया है, जबकि 60 प्रतिशत ने अभी तक टैक्स नहीं भरा है। हालांकि मौजूद वित्त वर्ष के टारगेट की बात करे तो नप प्रशासन ने अपने टारगेट को पूरा कर लिया है। नप ने इस वर्ष टारगेट 90 लाख रुपये निर्धारित किया था, जबकि अभी तक नप के पास प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में करीब सवा करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं।
बड़े डिफॉल्टर भी टैक्स भरने में नहीं ले रहे रुचि
नप के करीब 150 बड़े डिफॉल्टर हैं, जिनमें कॉमर्शियल, रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी धारक सहित सरकारी विभाग भी शामिल हैं, जिन पर 3:5 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के बकाया हैं। हालांकि नप अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष बड़े डिफॉल्टरों को नोटिस जारी किए गए थे। इस कार्रवाई के बाद करीब 40 बड़े डिफॉल्टरों ने बकाया टैक्स जमा करवाया है।
प्रॉपर्टी टैक्स न भरने वालों के खिलाफ ये हो सकती है कार्रवाई
नप अधिकारियों के अनुसार अभी तक प्रॉपर्टी टैक्स न भरने वालों के खिलाफ नप कोर्ट में केस कर सकता था। मगर अब नप को प्रॉपर्टी टैक्स न जमा करने वालों की प्रॉपर्टी सील करने का भी अधिकार दे दिया गया है। नप अधिकारियों के मुताबिक 31 मार्च के बाद वह ये कार्रवाई भी कर सकते हैं।
इस तरह से दी जा रही है छूट
सरकार के निर्देशानुसार वर्ष 2010-11 से 2020-21 का बकाया प्रॉपर्टी टैक्स एक मुश्त जमा करवाने पर वर्ष 2010-11 से 2019-20 तक के प्रॉपर्टी टैक्स पर शत प्रतिशत ब्याज पर छूट दी जा रही है। वर्ष 2010-11 से 2016-17 के प्रॉपर्टी टैक्स पर 25 प्रतिशत की छूट मिल रही है। साथ ही चालू वित्त वर्ष 2020-21 के प्रॉपर्टी टैक्स 31 मार्च तक जमा करवाने पर 10 प्रतिशत की छूट उपलब्ध है। इसके अलावा जो भी प्रॉपर्टी धारक प्रत्येक वित्त वर्ष में 31 जुलाई से पहले-पहले लगातार तीन वर्षों तक अपना प्रॉपर्टी टैक्स अदा करता है, तो उस प्रॉपर्टी धारक को एक अच्छा अदाकार मानते हुए अगले वित्तवर्ष के प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जा रही है।
शहरवासी 31 मार्च तक छूट योजना का फायदा उठाते हुए प्रॉपर्टी टैक्स भर सकते हैं। इसके बाद उनसे पूरा ब्याज वसूला जाएगा। वहीं टैक्स न भरने वालों की प्रॉपर्टी भी सील की जा सकती है।
- मनोज यादव, ईओ, नगर परिषद