चरखी दादरी। प्रदेश में किसान अब अधिक आय अर्जित करने के लिए बागवानी फसलों के साथ अन्य व्यवसाय भी कर रहे हैं। अगर आप भी बागवानी करते हैं तो मधुमक्खी पालन का व्यवसाय आपके लिए सर्वश्रेष्ठ है। दरअसल मधुमक्खी का काम आज के समय में बहुत तेजी से उभर रहा है। किसान शहद की बिक्री कर आर्थिक रूप से भी मजबूत बन रहे हैं। गांव मिर्च निवासी सुनील कुमार को मधुमक्खी पालन से न केवल रोजगार मिला है, बल्कि वो अब दूसरे लोगों को भी इस व्यवसाय से जोड़ रहे हैं।
दादरी में चल रही 39वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में हाॅल संख्या 2 में बागवानी विभाग के स्टॉल पर किसान सुनील दूसरे किसानों और युवाओं को मधुमक्खी पालन के फायदे गिनवा रहे हैं। सुनील ने बताया कि हरियाणा सहित देशभर में हजारों किलो शहद का उत्पादन होता है। यह शहद भारतीय बाजारों से विदेशी बाजारों में भी निर्यात हो रहा है, जिससे लोगों को रोजगार मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि अच्छा मुनाफा कमाने के लिए किसान को सही प्रकार की मधुमक्खी का भी पता होना चाहिए। हमें कौन सी मधुमक्खी रखनी चाहिए जिससे आय में वृद्धि होगी। इटालियन मधुमक्खी अधिक मात्रा में शहद उत्पादन प्राप्त करने के लिए मधुमक्खियों की उन्नत प्रजातियों का चयन करना होगा। उन्होंने बताया कि आम मधुमक्खियों की तुलना में इटालियन 3 गुना अधिक शहद उत्पादन प्राप्त करने में सहायक है। ये चारों दिशाओं से शहद इकट्ठा करती है। इतना ही नहीं इस मधुमक्खी की आबादी कम समय में लगभग 50 हजार तक पहुंच जाती है।
सरकार मधुमक्खी पालन के लिए किसानों को दे रही पूरा सहयोग
जिला बागवानी अधिकारी डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि कोई भी यह काम करने का इच्छुक व्यक्ति सरकार की मदद भी ले सकते हैं। सरकार की सोच है कि किसानों को अपनी आय में इजाफा करने के लिए कृषि के साथ ही मधुमक्खी पालन व्यवसाय से जोड़ा जाए। डीएचओ ने बताया कि सरकार राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत किसानों को इसके लिए बाकायदा प्रशिक्षण भी देती है। इसके अलावा नाबार्ड और राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड के पास भी मधुमक्खी पालन की कई योजनाएं हैं, जिससे क्षेत्र के किसान लाभान्वित हो रहे हैं।