दादरी को सुपर सकर देने से सीएम का इन्कार, उधारी की मशीन से चलाना पड़ेगा काम
जनसंवाद कार्यक्रम में पार्षदों ने रखी सीवर संबंधी समस्याएं, मुख्यमंत्री बोले: दो माह के लिए दूसरे जिले से भेजेंगे सुपर सकर मशीन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। सीवर समस्याओं से निजात पाने के लिए शहरवासी लंबे समय से स्थायी सुपर सकर मशीन मिलने का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर सूबे के मुखिया ने लोगों की उम्मीदों को झटका दे दिया है। सोमवार को आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में सीवर संबंधी समस्याओं की सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दादरी शहर का क्षेत्र कम है और इसके लिए दो करोड़ की सुपर सकर मशीन अभी सरकार नहीं देगी। हालांकि उन्होंने कहा कि सीवर व्यवस्था में सुधार के लिए किसी जिले से दो माह के लिए सुपर सकर मशीन दादरी भेजी जाएगी।
दरअसल, मुख्यमंत्री के समक्ष नगर पार्षदों के दो गुटों ने सीवर संबंधी समस्याएं रखीं। पार्षदों ने उनसे सुपर सकर मशीन मुहैया कराने भी मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दादरी में सीवर समस्या जरूर है, लेकिन यहां का क्षेत्र काफी कम है। ऐसे में दो करोड़ रुपये की सुपर सकर मशीन देने का कोई तुक नहीं बनता। उनकी यह बात सुनकर पार्षद भी हैरान रह गए। हालांकि मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद अधिकारियों को आपसी तालमेल के जरिये दो माह के लिए दादरी में किसी अन्य जिले से सुपर सकर मशीन भेजने का आदेश भी दिया।
जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने खुद माना कि दादरी शहर में सीवर की समस्या गहराई हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ परियोजनाएं इस समस्या के समाधान के लिए मंजूर कर दी गई हैं। उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इनका ले-आउट और एस्टीमेट तत्काल चंडीगढ़ भेजने का आदेश दिया।
- मौजूदा और पूर्व कृषि मंत्री सुपर सकर मशीन दिलाने का कर चुके वादा
बता दे कि कष्ट निवारण समिति दादरी के पहले तत्कालीन कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ अध्यक्ष थे। करीब तीन साल पहले उन्होंने दादरी को सुपर सकर मशीन दिलाने का वादा किया था। इसके बाद मौजूदा कृषि मंत्री जेपी दलाल को कष्ट निवारण समिति का अध्यक्ष बनाया गया और उन्होंने भी सीवर समस्याओं की सुनवाई करते हुए दादरी को जल्द सुपर सकर मशीन दिलाने का आश्वासन दिया था। सोमवार को मुख्यमंत्री ने तो इनके आश्वासन ही झूठे साबित कर दिए।
- विभाग के पास संसाधनों की कमी, 90 हजार की आबादी परेशान
मुख्यमंत्री ने तो सुपर सकर मशीन देने से फिलहाल इन्कार कर दिया है। इसके चलते जन स्वास्थ्य विभाग के बेड़े में संसाधनों की संख्या बढ़ने की उम्मीद भी चकनाचूर हुई है। इस समय विभाग के पास संसाधनों की कमी है। इसके चलते करीब 90 हजार की आबादी दूषित पानी निकासी और ओवरफ्लो सीवर समस्या से परेशान है।