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एमसीएच : बैठने के लिए बेंच न पीने को पानी, मरीज झेल रहे परेशानी

Sun, 10 Aug 2025 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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मातृ-शिशु अस्पताल में बेंच की कमी होने के कारण जमीन पर बैठे मरीज। संवाद
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एमसीएच में टूटी बेंच पर बैठे मरीज। संवाद
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अस्पताल की टंकी में पानी नहीं होने से शौचालय के वॉशबेसिन में फैली गंदगी। संवाद

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मातृ-शिशु अस्पताल में खराब पड़ा वाटर कूलर। संवाद
- शहर के मातृ-शिशु अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं का भी टोटा, मरीजों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच हैं न पीने के लिए पानी की व्यवस्था
जगदीप सिंह
चरखी दादरी। शहर के मातृ-शिशु अस्पताल (एमसीएच) में मूलभूत सुविधाओं की कमी हुई है। इससे उपचार से पहले मरीजों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाओं की कमी का आलम यह है कि मरीजों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच हैं और न ही पीने के पानी की बेहतर व्यवस्था है। लंबा समय बीतने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
पिछले 5 माह से शहर के सरदार झाड़ू सिंह चौक के समीप स्थित मातृ शिशु अस्पताल की दैनिक ओपीडी 50 फीसदी तक बढ़ी है। पहले यहां प्रतिदिन करीब 300 मरीज आते थे, लेकिन, अब 450 से अधिक पहुंच रहे हैं। 450 मरीजों में से करीब 350 तीमारदार के साथ आते हैं। ऐसे में यहां आने वाले 800 मरीजों व तीमारदारों की संख्या के लिहाज से बेंच की व्यवस्था नहीं है।
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ओपीडी पर्ची बनवाने में बाद चिकित्सक के पास दिखाने की बारी आने तक मरीज व तीमारदार नीचे बैठकर इंतजार करते हैं। बेंच की कमी लंबा समय बीतने के बाद भी दूर नहीं हुई है। सूत्रों की मानें तो, मातृ-शिशु अस्पताल के लिए अलग से बजट का प्रावधान नहीं है। छिटपुट कामों के लिए नागरिक अस्पताल के बजट में से ही धनराशि यहां दी जाती है। बेंच खरीद की डिमांड सीएमओ कार्यालय भेजी गई है।
इसके अलावा, यहां पीने के पानी के भी पुख्ता प्रबंध न होने से मरीज परेशान हैं। मरीज मंजू, सुनीता, पूनम, सुमन व कौशल्या का कहना है कि विभाग को मरीजों के लिए यहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। ताकि, सस्ते उपचार लेने के लिए उन्हें परेशानी न झेलनी पड़े।
- टंकी पड़ी खाली तो वॉशबेसिन गंदा
अस्पताल की टंकी में पानी नहीं होने से शौचालयों के वॉशबेसिन गंदे पड़े हैं। इसके अलावा, खराब पड़ा वाटर कूलर भी मरीजों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। कुछ मरीज तो पीने का पानी बाहर दुकानों से खरीदकर काम चला रहे हैं।

- एमसीएच में हैं ये स्वास्थ्य सेवाएं
मातृ-शिशु अस्पताल में लेबर रूम, जच्चा-बच्चा वार्ड, महिला रोग विशेषज्ञ के अलावा अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू होने के बाद प्रतिदिन 450 मरीज उपचार के लिए आते हैं। आने वाले समय में यहां मरीजों की संख्या और बढ़ेगी। इसके मद्देनजर विभाग को जल्द से जल्द संसाधनों की कमी दूर करनी चाहिए।
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- वाटर कूलर का पानी पीने योग्य नहीं
एमसीएच में वैसे तो वाटर कूलर लगाया गया है, लेकिन, पिछले तीन माह से खराब पड़ा है। स्थानीय लोग इसके पानी को पीने की अपेक्षा बर्तन साफ करने के अलावा हाथ धोने के काम लेते हैं। इससे वाटर कूलर की ट्रे में ही गंदगी फैली रहती है।
वर्सन
मातृ-शिशु अस्पताल के लिए 30 बेंच का ऑर्डर किया जा चुका है। पानी की टंकी ड्राई के चलते रविवार को खाली की गई थी।
-डॉ. राहुल अराेड़ा, डिप्टी सीएमओ, दादरी स्वास्थ्य विभाग
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