चुनावी पेज मुद्दा::
- चरखी दादरी खनन विभाग हर साल सरकार को देता है पौने तीन अरब का राजस्व, अवैध खनन और भूजल दोहन से माइनिंग जोन के समीपवर्ती गांवों के लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। ओवरलोडिंग, अवैध खनन और भूजल दोहन भी इस चुनावी दौर में जिले के मुख्य मुद्दे हैं। इन समस्याओं के विरोध में कुछ गांवों ने आगे आकर मोर्चा खोल दिया है जबकि 25 फीसदी गांव आंदोलन को समर्थन दे चुके हैं। भारी वाहनों की वजह से इस साल 22 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि जलदोहन के चलते भूजल स्तर नीचे जा रहा है। ट्यूबवेल व कुएं नकारा होने से ग्रामीण परेशान हैं।
मौजूदा परिस्थितियों की बात करें तो दो माइनिंग जोन में अवैध खनन, भूजल दोहन और बकाया रॉयल्टी राशि को लेकर ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। दोनों प्रदर्शनकारी खेमे प्रशासन को शिकायत सौंप चुके हैं। इससे पहले भी विभाग से लेकर प्रशासन और शासन तक जिले की ये तीनों समस्याएं पहुंचाई जा चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बावजूद इसके स्थिति जस की तस है। चुनाव संबंधी कड़ा फैसला लेने के बाद भी प्रशासन हरकत में नहीं आया।
बता दें कि पिचौपा कलां में ग्रामीण बकाया रॉयल्टी राशि की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। रामलवास में अवैध खनन व भूजल दोहन को लेकर ग्रामीण धरना दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुराने ट्यूबवेल व कुएं नकारा हो गए हैं। नए बोरिंग करवाने पर खारा पानी निकलता है। ग्रामीण सरकार के प्रतिनिधियों व अधिकारियों को कई बार इस संबंध में अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी ओर किसी ने ध्यान दिया। इतना ही नहीं, जिले के कई लोगों ने ये मुद्दे कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी उठाए हैं। उन्होंने बाकायदा सरकार को शपथपत्र भी दिए।
भारी वाहनों से हुईं टक्कर में 22 लोगों की थमीं सांसें, 36 घायल
दूसरी ओर ओवरलोड भारी वाहन भी धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। भारी वाहन से नियमित अंतराल पर जनहानि तो हो ही रही है ये सड़कों को नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। अगर इस वर्ष के सड़क हादसों की बात की जाए तो अब तक भारी वाहनों से 24 हादसे हो चुके हैं। इनमें 22 लोगों की जानें जा चुकी है। 36 लोग घायल हुए हैं।
- आरोप : ब्लास्ट से मकानों में आ गईं दरारें
रामलवास के ग्रामीणों का आरोप है कि माइनिंग जोन में लगातार ब्लास्ट होने से उनके मकानों में दरारें आ गई हैं। गांव से गुजरने वाली सभी सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। वहीं, पिचोपा कलां ग्राम पंचायत रॉयल्टी राशि न मिलने से असंतुष्ट है। माइनिंग जोन में खनन गतिविधियां बंद हैं।
-हादसों में गंवाई जान, परिवार को मिला जीवनभर का दर्द
केस: 1- 28 अप्रैल को गांव समसपुर निवासी रूप सिंह को बैक हो रहे एक ट्रक ने कुचल दिया था। उसमें उसकी मौत हो गई। वह परिवार का इकलौता बेटा था। परिवार में केवल एक बेटी है। इस हादसे से परिवार को जीवनभर सालने वाला दर्द मिला।
केस:2- 26 जुलाई को 334-बी पर एक ट्रॉले ने पिकअप को टक्कर मार दी थी। इसमें दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। दोनों परिवारों से मुखिया का साया छिन गया। दोनों मृतकों के एक-एक बेटा हैं। उनके परिवार के समक्ष आर्थिक संकट बना है।
वर्सन:
सरकार को ओवरलोडिंग व अवैध खनन पर पूर्णत: रोक लगानी चाहिए। इससे खनन क्षेत्र के दायरे में आने वाले ग्रामीणों को काफी नुकसान व परेशानी सहनी पड़ रही है।
-विनोद कुमार, सरपंच प्रतिनिधि, रामलवास गांव
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सरपंच प्रतिनिधि विनोद कुमार।
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रामलवास माइनिंग जोन का दृश्य। स्रोत : ग्रामीण
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रावलधी-दिल्ली बाईपास से गुजरते भारी वाहन। संवाद