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Charkhi Dadri News: बारिश की झड़ी में बिजली फॉल्ट की समस्या बढ़ी

Sun, 03 Aug 2025 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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शहर में बिजली फॉल्ट ठीक करते हुए बिजली निगम की टीम। संवाद
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फोटो 05 बिजली फॉल्ट ठीक करते निगम की टीम। संवाद
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- बिजली आपूर्ति चालू रहने पर 70 डिग्री रहता है लाइन का तापमान, बूंदें गिरते ही फॉल्ट आने पर कर रही ब्रेकडाउन

- प्रतिदिन शहर में 50 से अधिक फॉल्ट ठीक कर रहे बिजली निगम के कर्मचारी



संवाद न्यूज एजेंसी

चरखी दादरी। बारिश की झड़ी लगने से शहर में बिजली फाॅल्ट की समस्या बढ़ गई है। इससे सीधे तौर पर लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही बिजली निगम के अधिकारियों को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। प्रतिदिन शहर में 50 से अधिक बिजली फॉल्ट ठीक किए जा रहे हैं।

बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि मानसून सीजन में फॉल्ट आना स्वभाविक है। पूरा प्रयास है कि जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। अधिकारियों की मानें तो बिजली आपूर्ति के समय से लाइन का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस तक होता है। उसी दौरान बारिश शुरू होने पर बूंदें गिरने से बिजली फॉल्ट आते हैं। कई बार तो पूरी लाइन ही ब्रेकडाउन हो जाती है।
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बारिश के मौसम में बिजली कर्मचारियों को फॉल्ट ठीक करने में मशक्कत करनी पड़ रही है। नमी की वजह से कई बार करंट का खतरा बना रहता है। कर्मचारियों को फॉल्ट भी जल्दी नहीं मिल पा रहे हैं। जलभराव होने की वजह से कर्मचारी कई बार मेन फॉल्ट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे फॉल्ट को ठीक करने में घंटों लग जाते हैं। पानी भरने की वजह से कर्मचारियों का काम बाधित होने लगता है। यही वजह है कि बारिश की झड़ी में फॉल्ट आने पर ठीक करने में काफी समय लग रहा है।

- सबसे ज्यादा इंसुलेटर में आ रही खराबी

उमस भरी गर्मी में वैसे ही लोड ज्यादा बना रहता है। बारिश सीजन में आपूर्ति में व्यवधान बना रहता है। बारिश की झड़ी में केबल पर लगे इंसुलेटर में ज्यादा फॉल्ट आते हैं। चीनी-मिट्टी का बना यह इंसुलेटर खराब होने से बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। इससे काफी एरिया प्रभावित हो जाता है। इस फॉल्ट को ठीक करने में समय भी ज्यादा लगता है। दूसरा इंसुलेटर लगाना पड़ता है। लाइन बंद करने का परमिट लेकर ठीक करने का काम किया जाता है।



- रात के समय होती है सबसे ज्यादा दिक्कतें



रात के समय फॉल्ट आने पर तो और भी मुश्किल हो जाती है। निगम के अधिकारियों का मानना है कि बारिश के सीजन में कर्मचारी को फॉल्ट तक पहुंचने में दिक्कत आती है। जलभराव होने पर यह समस्या बनती है। यही वजह है कि आपूर्ति बहाल करने में काफी समय लगता है।

- शहर में लगे हैं 2200 पावर ट्रांसफार्मर



शहर के अधिकतर क्षेेत्र में मोटे केबल से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। करीब 860 छोटे लाल रंग के ट्रांसफार्मर से ये केबल कनेक्ट हैं। एक ट्रांसफार्मर से करीब 20 घरों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। शहर में कुल ट्रांसफार्मर 2200 हैं। करीब 20 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। दो पावर सब स्टेशनों से शहर में बिजली की आपूर्ति की जाती है। इस समय बिजली का लाइन लॉस 20 प्रतिशत के आसपास चल रहा है। 20 से ज्यादा होने पर नुकसान होता है।

- 24 घंटे बिजली आपूर्ति का लक्ष्य नहीं हो पा रहा पूरा



बिजली निगम का शहर में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति करने का प्रावधान है जबकि फॉल्टों की वजह से यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाता है। इससे नगर में पेयजल आपूर्ति पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। लोग घरों में मोटर से ही पानी की उठान करते हैं। बिजली न होने पर पानी नहीं पहुंच पाता है।
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वर्सन

बिजली के तार का तापमान ज्यादा होने व अचानक बारिश शुरू होने पर फॉल्ट आता है। इसे ठीक करने के बाद आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं आती है। कर्मचारी फॉल्ट को समय रहते ठीक कर रहे हैं।



-गौरव कुमार, एसडीओ, बिजली निगम
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