मातृ-शिशु अस्पताल के पास बने शौचालय में क्षतिग्रस्त यूरिनल सीट का पाइप। संवाद
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कोर्ट के सामने शौचालय में टूटी पड़ी वॉशबेसिन की नलकी। संवाद
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वैश्य कन्या स्कूल के पास महिला शौचालय में फैली गंदगी। संवाद
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रेलवे रोड पर पुरानी सब्जी मंडी के सामने शौचालय के पास लगाई गई फल की दुकान। संवाद
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पुरानी मंडी के गेट के पास बना शौचालय, जहां पानी की टंकी खाली है। संवाद
ग्राउंड रिपोर्ट
- ज्यादातर शौचालयों की छतों पर रखीं पानी की टंकियां सूखीं, सफाई के भी पुख्ता प्रबंध नहीं होने से प्रयोग करने में कतरा रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। नगर परिषद की ओर से शहर में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय रख-रखाव के अभाव में बदहाल पड़े हैं। इनमें न तो नियमित पानी का प्रबंध किया जा रहा है और न ही सफाई की तरफ ध्यान दिया जा रहा है।
शनिवार को शहर के सार्वजनिक शौचालयों का जायजा लिया गया तो ज्यादातर की छतों पर रखीं पानी की टंकियां खाली मिलीं। इतना ही नहीं, वॉशबेसिन से लेकर टॉयलेट सीट तक बदहाल मिली।
नगर परिषद की ओर से शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में 12 सार्वजनिक शौचालय बनाए गए हैं। जल्द ही इनकी संख्या 19 करने की तैयारी है। नगर परिषद के अधिकारियों की योजना के अनुसार, शहर में 5 इंस्पीरेशनल और 2 नए शौचालय जल्द बनने हैं। इनमें से दो की निविदा आमंत्रित की जा चुकी है। पांच की अगले सप्ताह आमंत्रित होनी हैं। दूसरी ओर नगर परिषद के अधिकारी मौजूदा सार्वजनिक शौचालयों के रख-रखाव में अपनी जिम्मेदारी सही से नहीं निभा पा रहे हैं। इसकी बानगी संवाददाता की ओर से शनिवार को की गई ग्राउंड रिपोर्ट में देखने को मिली।
शहर के सार्वजनिक शौचालयों की मौजूद हालत को देखते हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग पाने के दावे हवा-हवाई साबित हो सकते हैं। वहीं, शहर निवासी बलबीर, राजेंद्र, दीपक, मनीष और विनय ने बताया कि सार्वजनिक शौचालय बदहाल होने से लोग इन्हें प्रयोग करने से कतरा रहे हैं। किसी में पानी नहीं है तो किसी में यूरिनल सीट का पाइप टूटा पड़ा है। नियमित सफाई न होने से माहौल दुर्गंधमय बना रहता है।
किस शौचालय की मिली क्या दशा
नंबर -1: एमसीएच के पास बना शौचालय
पुराने शहर के अधिकतर नागरिक इसी मार्ग से गुजरते हैं। इसके साथ ही यहां मातृ-शिशु अस्पताल भी बना हुआ है। लेकिन, शौचालय में पानी की एक बूंद भी नहीं है। ऐसे में शौच आदि के लिए जाने वाली महिलाओं और पुरुषों को यहां से किनारा ही करना पड़ता है।
नंबर- 2: कोर्ट के सामने बना शौचालय
कोर्ट रोड पर लघु सचिवालय गेट के ठीक सामने सार्वजनिक शौचालय बना हुआ है। इस मार्ग से गुजरने वाले लोग और दुकानदार इसी शौचालय पर निर्भर हैं। यहां यूरिनल सीट के पाइप नहीं हैं। अव्यवस्थाओं के चलते माहौल दुर्गंधमय बना हुआ है।
नंबर-3: पुरानी सब्जी मंडी के पास बना शौचालय
शहर से रेलवे स्टेशन और पुरानी सब्जी मंडी को जाने वाले मार्ग पर बने शौचालय में पानी की टंकी खाली पड़ी है। महिला शौचालय के पास सब्जियों की दुकानें लगने के कारण महिलाएं इसे प्रयोग करने से परहेज करती नजर आती हैं। शौचालय की दशा सुधारने की जरूरत है।
नंबर-4 पुरानी सब्जी मंडी के पीछे बना शौचालय
शहर की पुरानी सब्जी मंडी की पिछली तरफ भी एक सार्वजनिक शौचालय बना हुआ है। उसमें पानी नहीं होने के कारण दुर्गंधमय माहौल बना हुआ है। वॉशबेसिन में गंदगी की भरमार है। फर्श भी गंदे हैं। तमाम खामियों के चलते लोग इसे प्रयोग नहीं करते।
नंबर-5: तिकोना पार्क शौचालय
शहर के तिकोना पार्क के समीप आरओबी के नीचे बना शौचालय भी बदहाल है। शौचालय में सुबह टैंकर से सफाई करवाई जाती है। इसके अलावा, टंकी में पानी नहीं भरवाया जाता। इससे राहगीर चाहकर भी शौचालय को प्रयोग नहीं कर पाते।
नंबर-6: कॉलेज चौक शौचालय
एपीजे महिला महाविद्यालय के पास बने बनाए गए शौचालय की टंकी में पर्याप्त मात्रा में पानी पाया गया। टॉयलेट की सीट टूटी मिली। इसके अलावा, यहां लगे बिजली उपकरण भी क्षतिग्रस्त मिले। इस शौचालय की दशा सुधारने की भी काफी जरूरत है।
वर्सन:
मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है। अगर शौचालयों में पानी नहीं है तो हम जल्द ही कर्मचारियों को आदेश जारी कर टंकियों को भरवा देंगे।
-बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, चरखी दादरी नगर परिषद