अमर उजाला एक्सकूलसिव
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बाढड़ा क्षेत्र में किसान के खेत में लगा ट्यूबवेल व बिछाई गई पाइपलाइन। संवाद
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- जिले में 471 किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन जारी होने का छह साल से इंतजार, हर स्तर पर उठा चुके मांग
- चार से पांच साल पहले बिजली निगम में राशि जमा कराने के साथ आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर चुके हैं, अब तक कनेक्शन मिलने का इंतजार बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। किसानों को बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने के लिए निगम ने ट्रांसफार्मर की सैंपल रिपोर्ट हिसार मुख्यालय भेजी है। रिपोर्ट नहीं आने तक कनेक्शन जारी नहीं होंगे। मुख्यालय की ओर से ट्रांसफार्मर में तेल की मात्रा एवं गुणवत्ता के अलावा क्वायल आदि की जांच की जाएगी। इसके लिए ट्रांसफार्मर जिला मुख्यालय पर पहुंच चुके हैं।
जिले भर में 471 किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए छह साल से इंतजार है। निगम कनेक्शन जारी करने के लिए 469 नए ट्रांसफार्मर लगाएगा। इनसे स्पेशल ट्यूबवेलों को बिजली की आपूर्ति की जाएगी। इन ट्रांसफार्मर की क्षमता 25 व 63 केवीए है। ऐसे में किसानों को फसलों की सिंचाई सुगम हो जाएगी। बिजली निगम इस काम को अप्रैल के अंत तक पूरा करने की योजना पर काम कर रहा है।
दरअसल, रेतीले क्षेत्र में किसान बिजली चालित ट्यूबवेल से ही फसलों की सिंचाई करते हैं। रेतीले भागों में भूमिगत जलस्तर काफी नीचे तक हैं। ऐसे में मोटर के जरिये पानी की उठान करनी पड़ती है। जिले में 55 प्रतिशत कृषि क्षेत्र रेतीला है। यहां सिंचाई का साधन जमीनी पानी ही है। हालांकि, नहरें भी गुजरती हैं, जिनसे सिंचाई पूरी तरह से संभव नहीं है। रेत के टिब्बे होने की वजह से नहरी पानी से सिंचाई करना मुश्किल होता है। वहीं, खरीफ सीजन की फसलें तो पूरी तरह से मानसून की बारिश पर ही निर्भर करती हैं।
- बारिश कम होने से घट रहा जलस्तर
कई सालों से बारिश कम होने की वजह से रेतीले क्षेत्र का भूमिगत जलस्तर बढ़ने के बजाय घट ही रहा है। आने वाले समय में यहां पेयजल संकट भी गहराने के आसार बनने लगे हैं। नहरी पानी की उपलब्धता वैसे ही कम है। अब इस क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए बिजली निगम योजनाबद्ध तरीके से काम करने जा रहा है। इसके तहत जिले भर में 471 कनेक्शन लगाए जाएंगे। इनसे किसान खेतों में सिंचाई कर सकेंगे।
- पहले डार्क जोन का फंसा रहा पेच
भूजल स्तर काफी नीचे जाने के कारण बाढड़ा उपमंडल पहले डार्क जोन में आ गया था। वहीं, सरकार की ओर से डार्क जोन में बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन जारी न करने के निर्देश दिए गए थे। इसके चलते भी बिजली चालित ट्यूबवेल कनेक्शन की प्रक्रिया अटकी रही। हालांकि, करीब एक साल पहले सरकार ने बाढड़ा को डार्क जोन से बाहर कर दिया है।
- बिजली निगम से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुके किसान संगठन
जिले के किसानों को लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन जारी कराने के लिए किसान संगठन लगातार प्रयासरत हैं। इस संबंध में वे बिजली निगम के अधिकारियों के अलावा एसडीएम, डीसी, विधायक, सांसद, मंत्री और मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं। लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन जारी होने पर ही किसानों को पूर्णतया राहत मिलेगी।
वर्सन
किसानोंं को अब लंबा इंतजार करना नहीं करना होगा। ट्रांंसफार्मर की सैंपल रिपोर्ट हिसार भेज रखी है। जैसे ही रिपोर्ट आएगी, कनेक्शन जारी करने का काम शुरू करवा दिया जाएगा। अप्रैल अंत तक यह काम शुरू करवाने की योजना है।
-राम सिंह, एसडीओ (ग्रामीण), बिजली निगम